जबलपुर : नए कलेक्टर कर्मवीर खुद कोरोना से इतने अधिक डरे हुए कि जनता की समस्या और सरकारी फ़ाइल को अब हाथ भी नहीं लगा रहे …

जबलपुर : नए कलेक्टर कर्मवीर खुद कोरोना से इतने अधिक डरे हुए कि जनता की समस्या और सरकारी फ़ाइल को अब हाथ भी नहीं लगा रहे …
- डरे हुए अधिकारी अधीनस्थ कर्मचारियों को खतरे में डाल रहे हैं
- राजस्व निरीक्षक की मौत के बाद कोरोना के दहशत में कलेक्ट्रेट
- जबलपुर कलेक्टर ज्ञापन और शिकायतों को हाथ तक नहीं लगाते
द लोकनीति डेस्क जबलपुर
प्रशासन जब खुद डरा हुआ हो तो नागरिकों की सुरक्षा और उनका भय कैसे दूर करेगा ,जब किसी IAS और IPS की ट्रेनिंग होती है तो उन्हें नागरिको की सुरक्षा और उनका भरोसा जीतना को लेकर सभी बातें सिखाई जाती है लेकिन जबलपुर जिले के नए कलेक्टर कर्मवीर नाम से तो कर्मवीर है लेकिन काम वीरो वाला नहीं कर रहे। बल्कि इसका उल्टा वह ख़ुद कोरोना से डरे हुए है और साथ ही अपने स्टाफ में भी डर का माहौल बनाकर रख लिया है जबकि सम्पूर्ण जिले की जिम्मेदारी स्वयं कलेक्टर ,महोदय की है।
जबलपुर। मध्य प्रदेश की संस्कारधानी में इन दिनों वह सब कुछ हो रहा है जो जबलपुर के 2000 साल के इतिहास में कभी नहीं हुआ। जनता को महामारी से बचाने के लिए जिम्मेदार कलेक्टर खुद कोरोनावायरस के संक्रमण से इतने अधिक डरे हुए हैं कि उन्होंने सरकारी फाइलों को हाथ लगाना तक बंद कर दिया है। कलेक्टर कार्यालय में दो अपर कलेक्टर पॉजिटिव पाए गए हैं। उनके ऑफिस के सभी कर्मचारियों को होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। दोनों के कोर्ट रूम में ताला लगा दिया गया है।
डरे हुए अधिकारी अधीनस्थ कर्मचारियों को खतरे में डाल रहे हैं
हालात यह है कि कलेक्टर कार्यालय में अब अधिकारी-कर्मचारी किसी भी प्रकार की सरकारी फाइल को हाथ लगाने या जनता की शिकायतों वाले कागजों को टच करने से कतराने लगे हैं। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा पहले ही अपने दफ्तर में आने वाली फाइलों को अधीक्षक के पास भेजने का सिस्टम बना चुके थे। इसी तरह का सिस्टम अब दूसरे अधिकारी भी बनाने की तैयारी में है।
राजस्व निरीक्षक की मौत के बाद कोरोना के दहशत में कलेक्ट्रेट
दो दिन पहले अपर कलेक्टर ग्रामीण कोरोना पॉजिटिव मिले और वह उपचार करा रहे हैं। वहीं बुधवार को अपर कलेक्टर शहरी भी पॉजिटिव मिले। इनके स्टाफ ने एक दिन पहले ही कोरोना सैंपल विक्टोरिया अस्पताल में दिया था। रिपोर्ट आने का इंतजार सभी कर्मचारियों को है। हाल फिलहाल कर्मचारी सुरक्षा की दृष्टि से घरों में कैद हो चुके हैं। दोनों अपर कलेक्टर कार्यालय के कमरों में ताला लगाया जा चुका है। इससे पहले अपर कलेक्टर संदीप जीआर के स्टाफ को भी कोरोना संक्रमण हो चुका है। उन्हीं में से एक कर्मचारी के संपर्क में आए राजस्व निरीक्षक मनोज राय की मृत्यु भी हो गई। इन हालातों में कलेक्ट्रेट के कर्मचारी-अधिकारी दहशत में काम कर रहे हैं।
जबलपुर कलेक्टर ज्ञापन और शिकायतों को हाथ तक नहीं लगाते
कलेक्टर कार्यालय में रोजाना शिकायत करने वाले, ज्ञापन देने वाले और सैकड़ों विभागीय फाइलों की आवाजाही बनी हुई है। लोग भी अपनी शिकायत सीधे कलेक्टर से करना चाहते हैं। यही वजह है कि कब कौन सा व्यक्ति संक्रमण देकर चला जाए, यह कहना मुश्किल है। इसलिए कलेक्टर ने अपने दफ्तर में आने वाली सभी फाइल को अधीक्षक कार्यालय भेजना शुरू कर दिया है। इसी तरह सभी SDM और तहसीलदार, अपर कलेक्टर भी सावधानी बरतने लगे हैं।




