जबलपुर : निजी अस्पतालों के तांडव के खिलाफ कांग्रेस पार्षद बैठे सांकेतिक धरने पर

मध्यप्रदेश/जबलपुर/अरुण जैन – 10 मई वीर सावरकर वार्ड के पार्षद संजय राठौड़ ने गुलौआ चौक स्थित अपने निवास के समक्ष 4 घंटे शांति पूर्वक गांधीवादी तरीके से सांकेतिक धरना दिया। जैसा की विदित है कोरोना महामारी के कारण आमजन त्रस्त है अस्पतालों में बैड नहीं है, बैड है तो ऑक्सीजन नहीं है इसके अभाव में कोरोना मरीज दम तोड़ रहे हैं। कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल संचालकों द्वारा मनचाही राशि (रकम) ली जा रही है जिससे आमजन त्राहि मचा रहा है।
कलेक्टर द्वारा जबलपुर के अस्पतालों के संचालकों के साथ मीटिंग कर कोरोना इलाज की रेट लिस्ट का समायोजन किया गया था जो आज दिंनाक तक जनहित में जारी नहीं की गई। जिसका फायदा अस्पतालों के संचालकों द्वारा खुले रूप से उठाया जा रहा है। वही दवाइयों की कालाबाजारी जिसमें रेमडेसीविर इंजेक्शन तक शासन उपलब्ध नहीं करा पा रही है वहीं जबलपुर के अस्पतालों में रेमदेसीविर इंजेक्शन 77000/-रू. तक मैं बेच रहे हैं।
धरने में बैठे पार्षद संजय राठौड़ ने कहा कि निजी अस्पतालों में आमजन को कोरोना का इलाज नि:शुल्क किया जावे। जैसी नागरिक जन्म से लेकर मृत्यु तक का कर (टैक्स) सरकार को देता है तू क्या सरकार की जिम्मेदारी नहीं बनती नि:शुल्क इलाज करने की “”तेरा तुझ को अर्पण क्या लागे मेरा।
वहीं धरने पर बैठी पूर्व पार्षद रुकमणी गोटिया ने कहा कि जब सरकार के नियंत्रण में स्थिति नहीं है तो स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जाना चाहिए वह दवाइयों की कालाबाजारी बंद की जावे और जिनके खिलाफ दवा कालाबाजारी के मामले कायम हुए है, उन पर धारा 302 लगाकर मासूम जिंदगियों से खिलवाड़ किए जाने की सजा मुकर्रर की जावे। इस पर यदि विचार नहीं किया गया तो अस्पतालों खिलाफ उग्र आंदोलन होगा। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के अरुण जैन, उमेश अवस्थी, नितिन पटेल (बाबा),रुपेश पाठक,शीलू ठाकुर सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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