सभी खबरें

नमस्ते करके बच सकते है कोरोना वायरस से :बेंजामिन नेतन्याहू

 भोपाल / सोनू कुमार :भारत दुनिया का विश्व गुरु है। चाहे अपनी संस्कृति को लेकर या फिर अपने संस्कार को लेकर। जब हम आपस में एक दूसरे से मिलते हैं तो हिंदू पद्धति के अनुसार हम नमस्ते करते हैं तो वहीं इस्लाम पद्धति के अनुसार हम सलाम करते हैं। 
चलिए पहले नमस्ते के बारे में जान लेते हैंकी यह शब्द आया कहां से , दरअसल हमारे शास्त्रों में पांच प्रकार के अभिवादन बताए गए हैं।  जिनमें से एक है नमस्कारम’
 अगर हम नमस्ते का संधि विच्छेद करते हैं तो हमें दो शब्द मिलता है नमः और स्ते।  जहां नमः का मतलब होता है कि मेरा अहंकार झुक गया। 
 नमस्ते करते वक्त आप क्या करते हैं आप अपने दोनों हाथों को जोड़कर एक कर देते हैं। जिसका सामान अर्थ यह होता है कि दोनों व्यक्तियों के दिमाग मिल गए या फिर एक दिशा में हो गए। 
अगर हम अध्यात्मिक लाभों की तरफ जाते हैं तो हम पाएंगे कि ऐसा करने से दो व्यक्तियों के बीच की नकारात्मक सोच कम हो जाती है और सात्विक संबंध का लाभ प्राप्त होता है। तो वहीं आपके अंदर सबको समान भाव से देखने का एक नजरिया बनता है तथा आपके शांत और सौम्य व्यवहार की वजह से लोग आपसे जुड़ना पसंद करते हैं। 
 खैर अब मुद्दे पर आते हैं दरअसल आज दुनिया भर के तमाम देश कोरोना वायरस को लेकर चिंतित है। ऐसे में इजरायल के प्रधानमंत्री  बेंजामिन नेतन्याहू
ने इजरायल के लोगों से अपील की है कि आप जब आपस में मिलते हैं तो नमस्ते कीजिए।  इससे  कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। दरअसल कोरोना वायरस एक दूसरे से शारीरिक संबंध या शारीरिक संपर्क में आने से बढ़ जाता है। इस खतरे को देखते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री ने अपने देश के लोगों से अपील की है कि वह अभिवादन के लिए हाथ मिलाने की जगह नमस्ते करें। 
 अपने संबोधन में नेतन्याहू ने कहा कि जैसे कि मैं हाथ मिलाने से बच रहा हूं। आप भी वैसा करें ,आप नमस्ते करने के लिए भारतीय तरीके को लागू करने की कोशिश कर सकते हैं या फिर या फिर शोलम जैसे शब्द का उपयोग भी कर सकते हैं ,या कोई अन्य तरीका खोजे ,लेकिन किसी भी तरह हाथ ना मिलाएं। 
आइये जानें इस वायरस से बचने के तरीके :

  • यह वायरस, खांसी, छींक, श्वास और छूने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
  • इस वायरस से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करें। 
  • लोगों से हाथ न मिलाएं और गले भी न मिलें। 5 फीट की दूरी से बात करें।
  • इस वायरस का आकार 400-500 माइक्रोन का है जो अन्य वायरस से बड़ा है।
  • यह वायरस धातु की सतह पर 12 घंटे, कपड़ों पर 9 घंटे, और हमारे हाथों तथा शरीर पर 10 मिनट तक जीवित रहता है।
  • अपने आसपास और घर की सफाई रखें। कपड़ों को अच्छी तरह से धोएं और कम से कम दो घंटे धूप में सुखाएं।
  • हर 15 मिनट में कम से कम एक घूंट गुनगुना पानी पीते रहें। 
  • अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक रगड़कर साबुन से धोएं।
  • गंदे हाथों से अपनी नाक और मुंह को न छुएं और न ही गंदे हाथों से कुछ खाएं।
  • आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक, बर्फ, बाजार की लस्सी, ठंडी छाछ और अन्य ठंडी वस्तुओं के सेवन से बचें।
  • बाजार में मिलने वाले दूध से बने उत्पाद जैसे चीज, बटर, मायोनीज का सेवन न करें।
  • नमक के गर्म/गुनगुने पानी से गरारे करें, इससे वायरस फेफड़ों तक नही पहुंच पाएगा।
  • रोजाना तुलसी, लौंग, अदरक और हल्दी का गर्म दूध पिएं। 
  • गर्म स्थान पर रहें क्योंकि यह वायरस 27 डिग्री तापमान पर मर जाता है। 
  • कपूर, लौंग, इलाइची और जावित्री को पीसकर अपने साथ रखें और समय-समय पर उसे सूंघते रहें।
  • विटामिन-सी युक्त फलों जैसे संतरे, मौसमी और आंवला खाएं। नींबू का इस्तेमाल भी जरूर करें।
  • सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
  • प्रतिदिन प्राणायाम और सूर्यनमस्कार करें। इससे श्ववसन तंत्र और फेफड़े मजबूत होंगे।
  • सर्दी, खांसी, कफ, बुखार होने वाले व्यक्ति को डॉक्टर के पास तुरंत जाने की सलाह दें। 
  • कोरोनावायरस संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें। 
  • शाकाहारी और हमेशा ताजा भोजन खाएं। मांसाहार के सेवन से बचें। 
  • फ्रीज में रखी ठंडी वस्तुओं का सेवन बिल्कुल न करें।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button