जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने की मज़बूर मासूम: सरकार नहीं ले रही सुध

दमोह। मध्यप्रदेश में नेता विकास के लाख दावे करते हैं। लेकिन हकीकत कुछ और हैं। सरकार के झूठे दावे की पोल खोलते तस्वीर दमोह जिले के पथरिया विधानसभा से सामने आई है। जहाँ सागोनी गांव के बच्चों को असलाना में स्थित हाइस्कूल पढने के लिए जाना पडता है। लेकिन बरसात में गांव के बच्चों को दिन में दो बार जान जोखिम में डालना पडता है, तब जाकर वो अपनी पढाई पूरी कर पाते हैं। दरअसल गांव से गुजरने वाली सुनार नदी जब बरसात के मौसम में उफान पर होती है तो गांव के बच्चे एक टूटी और जर्जर नाव के सहारे नदी पार कर स्कूल जाते हैं और स्कूल की छुट्टी होने पर ऐसे ही नाव से गांव वापस आना पड़ता है। पढाई का नुकसान ना हो इसलिए बच्चे जान जोखिम में डालकर खतरों से खेलते हुए स्कूल पहुंचते हैं। खास बात ये है कि जिस वृद्ध की टूटी फूटी नाव से बच्चे नदी पार करते हैं, वो पतवार के सहारे नहीं बल्कि एक किनारे से दूसरी किनारे पर बांधी गयी रस्सी के सहारे आगे बढ़ती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार सात साल पहले पुल बनाया गया था लेकिन पुल के दोनों तरफ सड़क नहीं होने के कारण पुल से आवागमन चालू नहीं हो सका है। फिलहाल जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे नौनिहालों के साथ कभी भी बडा हादसा हो सकता है।

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