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इंदौर : जीने के लिए "ऑक्सीजन" नहीं "शराब" है ज़रूरी, घंटों लाइन में खड़े रहे लोग, कोरोना नियमों की उड़ाई धज्जियां

इंदौर : मध्यप्रदेश के इंदौर में एक तरफ जहां अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी के कारण लोग अपनी जान गंवा रहे है तो वहीं दूसरी तरफ शराब की दुकान पर लग रही भीड़ कोरोना संक्रमण को और फैलाने का काम कर रहीं हैं। प्रशासन की गाइडलाइन के बावजूद ग्रामीण इलाकों की परिसीमा में आने वाली शराब दुकानों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोरोना गाइडलाइन का पालन ही नहीं हो रहा हैं।

गत दिनों राऊ सर्कल के पास की शराब दुकान पर टूटी भीड़ की तरह मांगलिया इलाके की शराब दुकान पर भी रोजाना भारी भीड़ उमड़ रही हैं। यहां शराब दुकान संचालक द्वारा कोरोना गाइडलाइन का न तो पालन किया जा रहा है, न ही इस सर्कल के आबकारी अधिकारी इस अव्यवस्था पर ध्यान दे रहे हैं। हालात ये है कि भीड़ में शराब लेने की होड़ मची हैं। दुकान के बाहर करीब 100 मीटर लंबी कतारें तक लग गई हैं।

इधर, आबकारी अधिकारियों की अनदेखी के चलते न तो सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान दुकान संचालक रख रहे और न ही लोग मास्क पहने रहे हैं। सैनिटाइजर के उपयोग तो दूर की बात हैं। बेखौफ शहरी लोग यहां शराब खरीदी के लिए पहुंच रहे हैं।

बता दे कि मध्यप्रदेश का इंदौर इस समय कोरोना हॉट स्पॉट बना हुआ हैं। बीते 24 घंटे में यहां 1679 नए संक्रमित मरीज़ मिले हैं। जबकि 10 कोरोना मरीज़ो की मौत हुई हैं। बावजूद इसके यहां शराब लेने पहुंच रहे लोगों में ज़रा भी खौफ नज़र नहीं आ रहा हैं। कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए लोग यहां शराब खरीद रहे हैं। 

वहीं, कोरोना संक्रमण में इंदौर में एक बार फिर से लॉकडाउन की स्थिति बन रही हैं। मंत्री तुलसी सिलावट ने आज इसके संकेत दिए है, उन्होंने कहा कि कल क्राइसिस मैनेजमेंट की मीटिंग के बाद लॉकडाउन पर फैसला लिया जाएगा। 

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