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कर्नाटक के पुत्तुर में 16 वर्षीय छात्र का खेती के लिए अनोखा आविष्कार, एक मशीन से रोप सकेंगे कई तरह के बीज

By: Anjali Kushwaha

कर्नाटक : कर्नाटक के दक्षिण कन्नडा के पुत्तुर में रहने वाले 16 वर्षीय राकेशकृष्ण के. ने किसानों की सुविधा के लिए एक खास तरह की मशीन बनाई है, जिससे किसान खेती में बहुत ही आसानी से कई तरह की फसलों के बीजों की रोपाई कर सकते हैं.

राकेश कृष्ण के. मंगलुरु के एक्सपर्ट पीयू कॉलेज में 12वीं कक्षा के छात्र हैं. वो अपनी पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने किसानों के लिए एक खास तरह की मशीन बनाई है, जिससे किसान बहुत ही आसानी से कई तरह की फसलों के बीजों की रोपाई कर सकते हैं.बीजों की रोपाई के अलावा भी यह मशीन और कई काम करती है. उन्होंने अपनी मशीन को ‘सीडोग्राफर’ नाम दिया है. इसके लिए लिए उन्हें कई पुरस्कार भी मिले चुके हैं. जिनमें साल 2021 का प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बालशक्ति पुरस्कार भी शामिल है. राकेश के पिता एक किसान हैं और माँ कॉलेज में प्राध्यापिका हैं. बचपन से ही खेती से जुड़े होने के कारण उन्हें किसानों की परेशानियों की समझ होने लगी थी. 

राकेश को मशीन बनाने की प्रेरणा उन्हें अपनी बड़ी बहन रश्मिपार्वती से मिली. उनकी बहन बायोलॉजी के क्षेत्र में जर्मनी से पीएचडी कर रही हैं. राकेश ने बताया , “मेरी बहन हमेशा अपने साइंस प्रोजेक्ट्स में लगी रहती थीं. उन्होंने अपने कई प्रोजेक्ट्स के लिए अंतर्राष्ट्रीय गोल्ड मैडल भी जीते. वह मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं. हालांकि, उनका विषय बायोलॉजी है और मुझे मैकेनिकल क्षेत्र में रूचि है. लेकिन उनके साथ से मुझे शुरू में बहुत मदद मिली. माता-पिता के साथ के अलावा, स्कूल-कॉलेज से भी अध्यापकों का साथ मिला.”

राकेश ने साल 2015 में अपने इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया. उन्होंने देखा कि फसल की रोपाई के समय उनके पिता को और दूसरे किसानों को बहुत ज्यादा परेशानी होती है. ज्यादातर किसान या उनके खेतों में काम करने वाले लोग हाथ से बीजों को खेतों में फेंकते हैं. लेकिन इस प्रक्रिया में खेत में समान रूप से रोपाई नहीं हो पाती है. साथ ही, बीजों के अंकुरित होने की दर भी कम रहती है. इस कारण किसानों को उत्पादन भी कम मिलता है. किसानों को एक ऐसी मशीन की जरूरत है जो व्यवस्थित ढंग से रोपाई करे. साथ ही, यह कीमत में किफायती होनी चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसे ले पाएं. इसी सोच के साथ उन्होंने अपने प्रोजेक्ट की शुरुआत की. 

‘सीडोग्रॉफर’ मशीन को मुख्य रूप से रोपाई के लिए तैयार किया गया था. लेकिन पिछले चार-पांच वर्षों में राकेश ने इसमें कई तरह के बदलाव किए हैं और अब यह मल्टीपर्पज मशीन की तरह इस्तेमाल हो सकती है. मशीन से कई फसलों के बीजों की आसानी से रोपाई कर सकते हैं. साथ ही, बीज लगाने के बाद मशीन से ही उसे पानी और खाद भी दिया जा सकता है. साथ ही, इसमें एक प्लेट भी लगी है, जो बीज जमीन में बोने के बाद, इसके ऊपर मिट्टी डालती है, जिससे कोई पक्षी या कीड़ा बीजों को खाये नहीं. 

राकेश ने केंद्र सरकार के विज्ञान और तकनीक विभाग द्वारा आयोजित नैशनल ‘इंस्पायर अवॉर्ड’ भी जीता है. इसके अलावा, उन्हें 2017 में नैशनल इनोवेशन फेस्टिवल के दौरान राष्ट्रपति भवन में भी तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को अपने इस अविष्कार को दिखाने का मौका मिला था. इस साल उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार के लिए चुना गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे वर्चुअल मुलाक़ात की और इस मशीन के बारे में जानकर उनकी सराहना की.  
दिल्ली में उनकी मुलाकात हरियाणा और राजस्थान के भी बहुत से किसानों से हुई और सबने उनकी मशीन की सराहना की.अब राकेश का उद्देश्य इसे जल्द से जल्द किसानों के लिए लॉन्च करना है.

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