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इंदौर के DAVV में कांग्रेस कमेटी द्वारा MP में कुलपति को कुलगुरु कहलाने पर किया गया विरोध

  • इंदौर के DAVV में कुलगुरु कहलाने पर हुआ विरोध
  • कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा हंगामा
  • नारेबाजी करते हुए कुलपति से मिलने पहुँचे

इंदौर/अंजली कुशवाह: इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में बुधवार दोपहर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा हंगामा किया गया. सभी लोग नारेबाजी करते हुए DAVV के कुलपति से मिलने पहुंचे. कांग्रेस कमेटी ने मध्य प्रदेश में कुलपति पद का नाम परिवर्तन कर कुलगुरु किए जाने के प्रस्ताव पर प्रतिबंध लगाने की मांग की. इस मांग को लेकर उन्होंने राज्यपाल के नाम कुलपति को ज्ञापन सौंपा.

उच्च शिक्षा मंत्री ने दी थी जानकारी

गौरतलब है, कुछ दिनों पूर्व इंदौर आए मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वविद्यालयों के कुलपति को कुलगुरु बनाने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखने की बात कही थी. लेकिन अब प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के इस प्रस्ताव का कांग्रेस विरोध कर रही है. बुधवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए कुलपति कक्ष पर पहुंचे. यहां राज्यपाल के नाम कुलपति डॉ. रेणु जैन को ज्ञापन दिया.

विचारधारा को थोपा जा रहा है

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव तेजप्रकाश राणे ने बताया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में सभी धर्म और वर्ग के छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं. उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संघ की विचारधारा को थोपा जा रहा है. भाजपा सरकार द्वारा लगातार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संघ की विचारधारा के माध्यम से विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण पदों पर शिक्षक, सहायक शिक्षक, निर्देशक, डायरेक्टर, पदों पर जूनियरों को नियुक्त किया है. इससे उच्च शिक्षा का क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है. साथ ही उन्होंने बताया कि कुलपति पद का नाम परिवर्तन कर कुलगुरु करने के प्रस्ताव का कांग्रेस पार्टी विरोध करती है. ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. इस दौरान संतोष ‌वर्मा, राजेश यादव, नितेश राजोरिया, संदीप ओझा आदि उपस्थित रहे.

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने दी थी जानकरी

बता दे कि मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने पत्रकारों के साथ वीडियो संवाद के दौरान बताया था कि प्रदेश सरकार राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपति पद का हिंदी नाम ‘‘कुलपति’’ से बदलकर ‘‘कुलगुरु’’ करने पर विचार कर रही है. उन्होंने मीडिया को बताया था कि उच्च शिक्षा विभाग ने कुलपति का नाम हिंदी में बदलने के प्रस्ताव पर चर्चा की है. नाम बदलने का प्रस्ताव जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में पेश किया जाएगा यदि इसे मंजूरी मिल जाती है तो प्रस्ताव को लागू किया जाएगा. पहले जिला कलेक्टर को हिंदी में जिलाधीश कहा जाता था. इसे बदला गया क्योंकि जिलाधीश शब्द एक राजा की तरह लगता था. उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम कुलगुरु कहते हैं तो यह कुलपति से अधिक अपना लगता है.’’

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