भोपाल:- अस्पताल प्रबंधन ऑक्सीजन के रखरखाव में बरत रहा लापरवाही, रेड क्रॉस हमीदिया जैसे अस्पतालों में सप्लाई सिस्टम नहीं सुरक्षित
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भोपाल:- अस्पताल प्रबंधन ऑक्सीजन के रखरखाव में बरत रहा लापरवाही, रेड क्रॉस हमीदिया जैसे अस्पतालों में सप्लाई सिस्टम नहीं सुरक्षित
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मध्य प्रदेश में कोरोना के आंकड़े चरम पर पहुंचते जा रहे हैं राजधानी भोपाल और इंदौर में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं इसी बीच नगर निगम के इंजीनियरों ने बड़ा खुलासा किया है.
अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है रेडक्रॉस हमीदिया जैसे बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट और ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम सुरक्षित नहीं है.
नगर इंजीनियरों ने बताया कि प्लांट का संचालन भी प्रशिक्षित टेक्नीशियन के हाथ में नहीं है. इसकी वजह से एलबीएस, सिल्वर लाइन, ग्रीन सिटी, निर्वाण, सहारा, रेड क्रॉस हमीदिया समेत कई अस्पतालों को नोटिस जारी कर 3 दिन में मांगा गया जवाब है.
इसके अलावा जो कमियां तत्काल दूर हो सकती हैं उन पर तुरंत एक्शन लेने और स्टैंड बाय प्लांट लगाने जैसे बड़े कामों के लिए कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है. यह जांच पिछले दिनों नासिक में एक अस्पताल में ऑक्सीजन रिसने के बाद शुरू हुई थी..
बोकारो से आज मध्य प्रदेश पहुंचेगी ऑक्सीजन एक्सप्रेस :-
लोगों को सांस लेने बोकारो से ऑक्सीजन एक्सप्रेस आज देर शाम तक मध्य प्रदेश पहुंच जाएगी. आज देर शाम तक सबसे पहले यह ट्रेन जबलपुर आएगी जहां दो टैंकर उतारे जाएंगे और फिर यह एक्सप्रेस भोपाल को रवाना होगी और भोपाल में चार टैंकर उतारे जाएंगे. इसके अलावा जामनगर से ग्वालियर के लिए दो टैंकर रवाना हुए हैं. बताते चलें कि प्रदेश में हर रोज 600 टन से ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है फिर भी ऑक्सीजन की किल्लत लगातार बनी हुई है.
लोग गुहार लगा रहे हैं, अस्पतालों के बाहर अफरा-तफरी मची हुई है परिजन रो रहे हैं चित्कार कर रहे हैं. पर कई अस्पतालों में स्थिति बद से बदतर है.
राजधानी भोपाल में इंदौर से ज्यादा एक्टिव केस है.इसीलिए अब यहां पर 110 टन से ज्यादा रोज ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है.पर ऑक्सीजन की आपूर्ति अभी 70-80 टन ही है.




