देश मे बढ़ाई जा रही है फ्लाइट्स की संख्या, 31 दिसंबर तक पहले की तरह रोजाना 3 लाख लोग करेंगे सफर – हरदीप सिंह पूरी

नई दिल्ली/आयुषी जैन: देश में कोरोना संक्रमण अपने चरम पर पहुँच चुका है, लगातार मामले बढ़ते जा रहे है । लेकिन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पूरी का मानना है कि देश मे एविएशन सेक्टर के हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे और 31 दिसम्बर तक पहले की तरह रोजाना 3लाख लोग फ्लाइट से सफर करना शुरू कर देंगे, जिसके लिए लगातार फ्लाइट्स की संख्या को बढ़ाया जा रहा है । लॉक डाउन की वजह से करीब 3 महीने तक डोमेस्टिक फ्लाइट्स बंद थी जिसके बाद 25 मई से सरकार ने फिर से फ्लाइट्स को उड़ाने की अनुमति दे दी थी । तब से लगातार उड़ानों की संख्या और पैसेंजर बढ़ रहे है ।
नागनिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने कहा है कि, 'हम चीन से उड़ानों को रोकने और हवाईअड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग शुरू करने वाले पहले देशों में से एक थे । हमें लॉकडाउन के दौरान तैयारी करने का मौका मिल गया, जब हमने 25 मई को घरेलू फ्लाइट्स की शुरुआत की तो उस वक्त सिर्फ 423 उड़ानें थीं और इस दौरान 30,000 यात्रियों ने फ्लाइ्ट्स का इस्तेमाल किया । कल 1,300 उड़ानें थीं और अब 1,41,000 यात्री फ्लाइट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये संभव है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ हम और भी उड़ानों को भरेंगे. मुझे उम्मीद है कि 31 दिसंबर 2020 तक 3 लाख पसैंजर उड़ान भर सकेंगे' ।
एयर इंडिया के विनिवेश मुद्दे पर हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि एअर इंडिया का विनिवेश का मुद्दा ठंडा नहीं पड़ा है. उनका कहना है कि कोरोना महामारी ने इसे बेचने की प्रक्रिया को और तेज़ कर दिया है. उन्होंने कहा, 'हम एक साल में एअर इंडिया के परिचालन की लागत को 1500 करोड़ तक लाने में सफल रहे हैं. एअर इंडिया का एक बहुत अच्छा सुरक्षा रिकॉर्ड है. ये 40-50 अंतर्राष्ट्रीय स्थलों पर उड़ान भरता है और इसके 60 घरेलू गंतव्य हैं, और इसमें 125 विमान हैं. इसे खरीदने वाले फायदे में रहेंगे' ।
हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि देश को कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, 'हम एक बड़ी आबादी वाले देश हैं. अगर आप लाखों का टेस्ट कर रहे हैं और आपकी पॉजिटिविटी रेट 8% है, रिकवरी रेट 80% है और मृत्यु दर लगभग 1.5% है, तो मेरा मानना है कि चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. काला जार होने पर में हमारे देश में 17% लोगों की मौत होती थी. कोरोना में तो मौत की दर साधारण बुखार से सिर्फ 1.7 परसेंट ज्यादा है.'




