ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए अच्छी खबर, हमीदिया के डॉक्टर करेंगे रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी

ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए अच्छी खबर, हमीदिया के डॉक्टर करेंगे रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी
मध्यप्रदेश/भोपाल: ब्लैक फंगस के कारण जिन मरीजों को जबड़े, आंख,और गले के आसपास की चमड़ी का मांस निकालना पड़ा था उन मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है| हमीदिया हस्पताल में ऐसे मरीजों के लिए रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी शुरू की जा रही है| हमीदिया हस्पताल का प्लास्टिक सर्जरी विभाग ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए पैर की हड्डी से नया जबड़ा बनाकर लगाएंगे, जिससे इन मरीजों को नयी जिंदगी मिल सकती है|
ब्लैक फंगस के ऐसे कई मरीज है जिनका सर्जरी कर जबड़ा या फिर आँख निकली गई, जिनमे से ५० का ऑपरेशन हमीदिया हस्पताल में हुआ और करीब १०० ऐसे मरीज है जिनकी सर्जरी एम्स या निजी हस्पतालो में हुई है| ऐसे मरीजों को रिकवर होने पर हस्पतालो से छुट्टी दे दी गई थी| और अब ऐसे मरीजों का इलाज पूरा होने पर इनकी रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की जा सकती है|
ऐसे होती है जबड़ा, आँख, स्किन, और नाक की सर्जरी
यदि जबड़े की हड्डी निकाली गई है तो मरीज के पैर की हड्डी को जबड़े का आकर देकर लगाया जाता है, जो १० से १५ दिन में जुड़ जाती है और मांस आने के बाद उसपर दांत लगाया जाता है| जिन लोगो की आंख निकाली गई है उनको नकली आंख लगाने के लिए शॉकिट बनाया जाता है जिसके लिए जरुरी प्लास्टिक सर्जरी की जाती है| वही संक्रमण के चलते जिन मरीजों के आंख, नाक, गाल, या किसी अन्य हिस्से का मांस निकाला गया है उन्हें फ्री फ्लैप यानि पैर के दूसरे स्थान के मांस या शरीर के आसपास के हिस्से का मांस लगाया जायगा|
ऐसे मरीज जिन्हे रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की जरूरत है वे हमीदिया हस्पताल के कमला नेहरू हस्पताल के फर्स्ट फ्लोर पर सुबह ८:३० से १:३० बजे तक सम्पर्क कर रजिस्ट्रेशन करा सकते है|




