MP में गहराया बिजली संकट, "अपनों से घिरी सरकार", BJP MLA ने CM को पत्र लिखकर कह डाली ये बड़ी बात

- अघोषित बिजली कटौती पर 'अपनों' से घिरी शिवराज सरकार
- BJP MLA राकेश गिरी ने CM शिवराज को लिखा पत्र
- बिजली कटौती को लेकर BJP विधायक नारायण त्रिपाठी भी ऊर्जा मंत्री का कर चुके है घेराव
टीकमगढ़ : मध्यप्रदेश में बिजली का संकट दिन- प्रतिदिन गहराता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों व कृषि क्षेत्रों में स्थिति बेहद खराब होती जा रही है। कई-कई घंटों की अघोषित कटौती की जा रही है। कोयले की कमी के कारण उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। कई ताप विद्युत परियोजनाएं बंद होने की कगार पर है। मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर सामने आ रहा है। सरकार इन सब मामलों से बेखबर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, बिजली कटौती की 3 वजह सामने आई हैं। बिजली कंपनियों की देनदारियां, बांधों में कम पानी और सरकार से कंपनियों को सब्सिडी नहीं मिलना। प्रदेश के 3 थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन बंद हो गया है।
वहीं, मध्यप्रदेश में गहरा रहे इस बिजली संकट को लेकर BJP के ही विधायक मुखर हो गए हैं। टीकमगढ़ से BJP विधायक राकेश गिरी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि हर रोज 12 से 15 घंटे बिजली बंद होने से किसान परेशान हैं। किसान फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।

भाजपा विधायक ने ,सीएम शिवराज को पत्र लिखते हुए कहा कि जिला टीकमगढ़ व निवाडी के ग्रामीण क्षेत्रों में विगत एक सप्ताह से विद्युत की प्रतिदिन 12 से 15 घण्टो की अघोषित कटौती की जा रही है, साथ ही वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। जिससे क्षेत्रीय किसान अपनी फसलों की सिंचाई नही कर पा रहे हैं, तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है अघोषित विद्युत कटौती के कारण जिलेवासियों में भारी रोष व आक्रोष व्याप्त है।
उन्होंने आगे लिखा की – जन सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुये व्यापक जनहित में अनुरोध है कि, जिला टीकमगढ़ व निवाड़ी के ग्रामीण आंचलों में की जा रही विद्युत की अघोषित कटौती को बंद कराते हुये पूर्व की भांति विद्युत प्रदाय कराने का कष्ट करें।
इससे पहले बिजली कटौती को लेकर BJP विधायक नारायण त्रिपाठी ऊर्जा मंत्री को घेर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी झूठी जानकारी दे रहे हैं। इस मुद्दे पर BJP को बड़ा नुकसान होगा। समूचे विंध्य क्षेत्र में बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। किसान, व्यापारी, आम आदमी को बिजली नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को इस मामले को खुद देखना चाहिए। त्रिपाठी ने 4 सितंबर को विंध्य क्षेत्र में बिजली कटौती को लेकर आंदोलन करने का ऐलान भी किया है।




