MP: थाने जाने का झंझट खत्म, हर रोज दर्ज हो रही 10 E-FIR.
.jpeg)
MP: थाने जाने का झंझट खत्म, हर रोज दर्ज हो रही 10 E-FIR.
- मध्यप्रदेश में हर रोज दर्ज हो रही 10 E-FIR
- लोगों में पुलिस के प्रति बढ़ने लगा भरोसा
- SCRB की मॉनिटरिंग में हो रही E-FIR
- जनता की हेल्प डेस्क कर रही मदद
भोपाल:- मध्यप्रदेश में अब ई-एफआईआर दर्ज होना शुरू हो चुका है जिसकी वजह से लोगों को एफ आई आर दर्ज कराने में काफी आसानी हो रही है. E-FIR से थाने जाने का झंझट खत्म हो चुका है. प्रदेश में हर रोज 10 ई-एफ आई आर दर्ज की जा रही है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा और विश्वास बढ़ा है। ई-एफआईआर की मॉनिटरिंग स्टेट क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो पुलिस मुख्यालय के द्वारा की जा रही है। आम जनता को यदि ई-एफआईआर करने में कोई दिक्कत आती है तो हेल्प डेस्क तत्काल मदद करता है।
12 अगस्त से शुरू हुआ ई-एफआईआर का ट्रायल रन :-
12 अगस्त को स्टेट क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने प्रदेश भर में ई- एफआईआर आई आर का ट्रायल रन शुरू किया था। एससीआरबी के एडीजी चंचल शेखर ने कहा कि ट्रायल रन सफल हो रहा है। डेढ़ महीने बाद इसमें जो भी कमियां सामने आएगी उसको आईटी टीम के साथ बैठकर दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी लोगों में ईएफआईआर को लेकर जागरूकता की कमी है लेकिन कुछ ही दिनों में इसका रिस्पांस प्रदेश भर से अच्छा मिला है। साधारण मामलों में लोगों को थाने जाने की जरूरत नहीं है। वह घर बैठे ही अपनी एफ आई आर दर्ज करा रहे हैं। पुलिस भी एफआईआर का 24 घंटे में निराकरण कर रही है। अभी कोई भी तकनीकी दिक्कत इस सिस्टम को लेकर नहीं आई है।
ये है E-FIR की स्थिति:–
-12 अगस्त से शुरू हुई ई एफआईआर सेवा में अब तक 280 E-FIR दर्ज हो चुकी है।
-प्रदेश में हर रोज औसतन 10 ई-एफआईआर ऑन लाइन हो रहीं हैं।
-साधारण चोरी, वाहन चोरी, छोटी चोरियों, मोबाइल चोरी आदि की एफआईआर के लिए लोगों को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे है।
-280 ई-एफआईआर में वाहन चोरी, मोबाइल चोरी आदि शामिल हैं।
-बड़े शहर ही नहीं बल्कि छोटे शहरों में भी अब इस सेवा का लोग फायदा ले रहे हैं।
ऐसे कराएं ई एफ आई आर दर्ज :-
मप्र पुलिस द्वारा सिटीजन सर्विस में ई-एफआईआर दर्ज करने की सुविधा शुरू की गई है। मप्र पुलिस की वेबसाइट mppolice.gov.in सिटीजन पोर्टल citizen.mppolice.gov.in और मप्र पुलिस के मोबाइल एप MPeCOP पर अपनी आईडी से लाॅगिन करके ई-एफआईआर दर्ज कर सकता है। सिटीजन पोर्टल पर लाॅगिन करते ही इसका ऑप्शन आएगा। यह सब प्रदेश पुलिस इसलिए कर रही है , क्योंकि अब आने वाले समय में पुलिस को पूरी तरीके से डिजिटल और हाईटेक होना है।




