लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के बढ़े मामले, महिलाएं होती रही प्रताड़ित, मदद भी नहीं मिली
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लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा के बढ़े मामले, महिलाएं होती रही प्रताड़ित, मदद भी नहीं मिली
भोपाल:- मध्यप्रदेश में लॉकडाउन के दौरान महिलाओं पर हो रहे अत्याचार काफी बढ़े. जिन महिलाओं ने पूर्व में घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाया था उन लोगों के लिए लॉक डाउन का समय काफी दर्दनाक रहा. लॉकडाउन के दौरान इन्हे दोगुनी प्रताड़ना झेलनी पड़ी.
यह पूरा खुलासा हुआ है गौरवी क्राइसिस सेंटर पहुंचे मामलों से. लॉकडाउन के दौरान महिलाओं को किसी से मदद भी नहीं मिली. जिन महिलाओं के पूर्व में शिकायत रजिस्टर्ड हैं उन्हें लॉकडाउन में घर के लोगों ने और प्रताड़ित किया. एक महिला के मुताबिक उसका पति उसकी बेटियों सहित उसे देह व्यापार में धकेला जाता था उसने केस दर्ज कराया और बैरसिया से बेटियों के साथ भोपाल आ गई गौरवी की मदद से ई रिक्शा चलाने लगी. पर जब लॉकडाउन लगा दो उस दौरान उसे मजबूरी में ससुराल लौटना पड़ा उसने देखा पति के साथ दूसरी महिला रह रही है. पति ने बदला लेने के इरादे से दूसरी महिला के रिश्तेदारों के साथ आकर उसकी आंखों और पूरे शरीर पर लाल मिर्च डालने के बाद बेतहाशा मारपीट की पीड़िता के मुताबिक इस दौरान उसके पास मौजूद पैसे और गहने भी छीन लिए गए.
इस तरह की कई शिकायतें गौरवी सेंटर में सामने आई.
लॉकडाउन के 2 माह में करीब 1725 संबंधित केस गौरवी में आए
पहले से रजिस्टर्ड 338 महिलाओं को भारी हिंसा का सामना करना पड़ा
वही 358 अन्य घरेलू हिंसा के केस दर्ज किए गए तो 21 संपत्ति विवाद के मामले सामने आए. भूटान सिक्योरिटी को लेकर 500 मामले सामने आए.
मध्य प्रदेश में लगातार महिलाओं पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि वह अपनी बहन और भाइयों को पूरी तरह से सुरक्षा देंगे लेकिन महिला अपराध मप्र में चरम पर पहुंचता जा रहा है.


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