Delhi Violence: आखिर क्यों दिल्ली पुलिस ने नहीं की FIR दर्ज?

* याचिकाकर्ता ने सिर्फ 3 भड़काऊ भाषण चुने
* दिल्ली में शांति रहे इसलिए नहीं की FIR
नई दिल्ली: दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) के मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट(HC) ने सुनवाई शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता ने अपने विवेक से सिर्फ 3 ही भड़काऊ भाषण का चयन किया है। ऐसे और भी बहुत से भड़काऊ भाषण मौजूद हैं।
तुषार मेहता बोले, “याचिकाकर्ता ने सिर्फ 3 भाषणों को हेट स्पीच के तौर पर चुना, याचिकाकर्ता की सिर्फ तीन ही व्यक्तियों में ज्यादा दिलचस्पी है। इस तरह के कई और भी भाषण हैं, हम इन भाषणों का चुनाव नहीं कर सकते।”
दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट से कहा की अभी उन्होंने किसी भी भड़काऊ भाषणकर्ता के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की है। ऐसा इसलिए किया क्योंकि दिल्ली में शांति और सामान्य स्थिति रखने के लिए यह जरूरी था। नार्थ ईस्ट दिल्ली हिंसा के मामले में अब तक 48 FIR दिल्ली पुलिस दर्ज कर चुकी है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से मामले में जवाब देने के लिए कहा और 13 अप्रैल के मामले को सूचीवद्ध किया।
गौरतलब है कि बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस को कथित रूप से हिंसा भड़काने के मामले में तीन राजनीतिक नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए निर्देश दिया था। बता दें उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़काने के लिए BJP नेता अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा और प्रवेश वर्मा को गिरफ्तार करे की मांग की गई थी। इस पर दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने सुनवाई की थी।

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