दमोह, बटियागढ़: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में महिलों की जान के साथ हो रहा खिलवाड़ !

दमोह, बटियागढ़: सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में महिलों की जान के साथ हो रहा खिलवाड़ !
बटियागढ़/राजकमल पांडे। प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली अब दिनों दिन और विकराल होते जा रहा है मध्यप्रदेश में कोरोना कहर के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और लापरवाही के मामलें में लगातार इजाफा हो रहा है. वह अभी एक और ताजा मामला आया जहां दमोह जिले के बटियागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लगाए गए नसबंदी स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं की जान के साथ खिलवाड़ किया गया है, तो वहीं जिस दिन कैंप था उस दिन महिलाओं का आना सुबह 9 बजे से प्रारंभ हुआ तो डॉक्टर शाम 5 बजे अस्पताल में पहुंचे उसके बाद जब आपरेशन शुरु हुआ तो जिन महिलाओं का ऑपरेशन किया गया उनको बिना स्टेचर के हाल में भेजने के लिए या तो उनके परिजन ले गए या फिर वह पैदल चलकर गई. नसबंदी वाली महिलाओं को स्टेªचर तक मुहैया नही कराया गया. साथ ही कोरोना काल के नियमों को ताक में रखकर भीड इकट्ठा की गई और सोशल डिस्टेंशिंग का पालन तक नहीं करा व कराया गया. कोई भी महिल वहां मास्क लगाए हुए नहीं दिखी. वहीं महिलाओं के साथ स्थल में आवारा जानवर तक मौजूद रहे. जिससे महिलाओ के साथ आए उनके बच्चों को भी खतरा हो सकता था. बावजूद इसके सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बटियागढ़ में तमाम नियम कानून को ताक में रखकर नसबंदी की गई बहुत महिलाओं को इस नसबंदी शिविर में परेशानियों का सामना भी करना.
डॉक्टर ने दिया हैरान करने वाला बयान
ऑपरेशन के तुरंत बाद महिलाओं के वार्ड तक पैदल चलने पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर आरआर बागरी ने हौरान करने वाला बयान दिया है. उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिलाओं को गैस बन जाती है. इसलिए उन्हें ऑपरेशन थियेटर से पैदल चलाकर वार्ड तक ले जाया जा रहा है. अस्पताल में नसबंदी शिविर के दौरान आवारा कु्त्ते भी अस्पताल में घूमते नजर आए. जो किसी नवजात की जान के लिए भी खतरा बन सकते हैं.



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