
प्रणय शर्मा,भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लाडली बहनों के साथ पौधरोपण किया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन मेरे लिए बहुत सुखद व महत्वपूर्ण है। महिला सशक्तिकरण, मां-बेटी-बहन का कल्याण, उनको न्याय मिले और वह आगे बढ़ सके। उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार ना हो। साथ ही उन्होने कहा कि आज मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक हो गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने लाडली बहना योजना की शुरुआत से पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से आशीर्वाद लेने उनके घर पहुंचे। जहां उन्होंने ने उमा भारती के पैर छूए। वही इस दौरान उमा भारती ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि सबसे पहली लाडली बहना मैं हूं। सभी बहनें आज शिवराज जी पर आशीष की बरसात करें। उमा भारती ने सीएम शिवराज का तिलक किया और फूल बरसाए।
लाडली बहनों के साथ पौधारोपण करने के बाद सीएम शिवराज ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं को न्याय मिल सके, उनके साथ दोयम दर्ज का व्यवहार न हो। वर्षों पहले इसके लिए अभियान शुरू हुआ। लाडली लक्ष्मी योजना के जरिये लाखों बेटियों की शादी हुई। उन्होंने कहा कि बेटी अब बोझ नहीं रही, योजना का असर इतना हुआ कि सेक्स रेशियों बढ़कर 956 हो गई। लोग बेटियों को कोख में मार देते थे, अब प्रसन्नता होती है। हमने निकाय में महिलाओं को आरक्षण दिया, महिलाएं लोकल गवर्नमेंट बहुत अच्छे से चला रही है। आज मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक हो गया।
लाडली बहना योजना की पहली किस्त को लेकर महिलाओं में ज़बरदस्त उत्साह देखने को मिला हैं। बहनों ने मुख्यमंत्री शिवराज को आशीर्वाद देते हुए कहा कि हमारे भाई ने हमारे बारे में सोचा, हमारे भाई ने हमें सबसे ज्यादा बढ़कर खुशियां दी है। अब हमें किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, हम आत्मनिर्भर बन चुके है। महिलाओं ने कहा कि हमने इतने मुख्यमंत्री देखें, लेकिन शिवराज जैसा कहीं नहीं देखा।