
हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जबलपुर के न्यू लाइफ हॉस्पिटल में हुई अग्नि दुर्घटना बेहद दुखद है। ऐसी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने चाहिए कि इस प्रकार की घटनाएँ प्रदेश में दोबारा न हों, घटना में दोषी पाए गए अस्पताल प्रबंधन पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जानी चाहिए । इसके मद्देनजर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना का जिम्मेदार सीएमएचओ रत्नेश कुररिया और फायर सेफ्टी ऑफिसर को ठहराया है | साथ ही इन्हें निलंबित करने के भी निर्देश जारी किए ।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में जबलपुर में हुई अग्नि दुर्घटना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा की । इस दौरान नगरीय प्रशासन व विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस,अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान समेत संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे । वहीं, कमिश्नर जबलपुर बी. चन्द्रशेखर, आईजी उमेश जोगा, कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा, नगर निगम कमिश्नर आशीष वशिष्ट समेत जिला प्रशासन के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल रहे ।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में अस्पतालों की जाँच करवाई जाए। अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाए जाने पर अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं । उनका कहना है कि दुर्घटनाएँ रोकने के लिए फायर एनओसी, बिल्डिंग परमीशन और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी आवश्यक हैं । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि घटना से सीख लेकर अग्नि सुरक्षा नीति में परिवर्तन करने के लिए तत्कालीन और दीर्घकालीन कदम उठाए जाएँ। अग्नि सुरक्षा के लिए अस्पताल, होटल और मल्टी भवनों पर एक समान नियम लागू करने की कार्यवाही की जाए । उन्होंने संबंधित विभागों को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं।