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भोपाल : गांधी मेडिकल कॉलेज में कैंसर मरीज़ों को नहीं मिल रहा इलाज, 10 सालों में 168 करोड रुपए किए जा चुके है खर्च

मध्यप्रदेश/भोपाल – चिकित्सा शिक्षा विभाग कैंसर मरीजों की सिकाई के लिए 5 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में करोड़ों रुपए से लीनियर एक्सीलेटर मशीन लगाने के तैयार कर रहा है यह मशीनें पीपीपी मोड पर स्थापित की जाएंगी। हालांकि बीते 10 सालों में कैंसर के नाम पर प्रदेश में 168 करोड रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कैंसर मरीजों को इलाज तो दूर जांच के लिए भटकना पड़ रहा हैं। सबसे खराब हालात राजधानी भोपाल में ही है, जहां गांधी मेडिकल कॉलेज में कैंसर मरीजों की सामान्य जांच तक नहीं हो पाती। 

8 साल पहले गांधी मेडिकल कॉलेज में लीनियर एक्सीलेटर लगाने के लिए केंद्र सरकार से करीब 8 करोड़ रुपए मिले थे, तीन बार कोशिश के बावजूद कोई कंपनी इस मशीन को लगाने तैयार नहीं हुई। केंद्र से मिले 8 करोड़ भी लैप्स हो गए। आरोप लगते है कि इस राशि को दूसरी मत पर कट कर दिया गया। वहीं, इस पूरे मामले पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि हम मेडिकल कॉलेजों में कैंसर मरीजों की अत्याधुनिक इलाज के लिए प्रयास कर रहे हैं। 5 मेडिकल कॉलेजों में पीपीपी मोड पर लीनियर एक्सीलेटर मशीनें लगाई जाएंगी। 

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