भोपाल: एक बार फिर प्रदेश के दो दिग्गज होंगे आमने-सामने !
भोपाल: एक बार फिर प्रदेश के दो दिग्गज होंगे आमने-सामने !
कांग्रेस का दिग्विजय पर भरोसा कहीं साबित न हो बीजेपी के लिए चुनौती
भोपाल/राजकमल पांडे। नगरीय निकाय चुनाव के लेकर प्रदेश में एक फिर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. मध्यप्रदेश में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच टक्कर होने जा रहा है जिसमें प्रदेश के दो दिग्गज नेता आमने-सामने नजर आ सकते हैं और इसमें सबसे महत्पपूर्ण है प्रदेश की राजधानी भोपाल जिसमें नगर निगम और महापौर की सीट पर हाथ मारने और किस्मत आजमाने की दौड शुरू हो गई है. इधर कांग्रेस पार्टी से मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को कांग्रसे ने नगरीय निकाय चुनाव हेतु बनाई समिति में सबसे ऊपर रखा है तो वहीं समिति में उनके अलावा भी कांग्रेस के विधायक आरिफ अकील, आरिफ मसूद, पीसी शर्मा सहित अन्य भी शामिल हैं. दूसरी ओर बीजेपी से भोपाल की कमान सीएम शिवराज संभाल रहे हैं. कांग्रेस का यह दांव नगर निगम सीट जीतने के लिए अहम माना जा रहा है. और कहा यह भी जा रहा है कि दिग्गीराजा की भोपाल में बेहतर पकड है और यह बात उन्होंने स्वयं कहा है कि राजगढ़ की वोटर लिस्ट में से अपना नाम कटवा कर उन्होंने भोपाल चुड़वा लिया है और भोपाल ही उनकी कर्म स्थली होगी. दिग्विजय सिंह कई बार अपने सुझाव सरकार को दे चुके हैं. ऐसे में भोपाल नगरीय निकाय चुनाव में मुद्दों से लेकर उम्मीदवार तय करने तक के लिए बनाई गई कमेटी में दिग्विजय सिंह को प्रमुखता देकर कांग्रेस ने बीजेपी को एक बार फिर बड़ी चुनौती दे दी है.
हालांकि 2019 का लोकसभा चुनाव दिग्विजय सिंह बीजेपी की भगवा चेहरा प्रज्ञा सिंह ठाकुर से साढ़े तीन लाख वोटों के अंतर से हार गए थे. बावजूद इसके दिग्विजय सिंह की पकड़ भोपाल में कम नहीं आंकी जा सकती है. उनका जनता से सीधा संपर्क और संवाद है.
दिग्विजय समर्थक
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का कहना है दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी का बड़ा चेहरा हैं और भोपाल में उनकी पकड़ से नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी को फायदा होगा. भोपाल की पहली महिला पूर्व महापौर और कांग्रेस प्रवक्ता विभा पटेल का भी मानना है कि दिग्विजय सिंह को समिति में शामिल करने से नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी को फायदा होगा.
दिग्विजय सिंह की मजबूत पकड़
बहरहाल भोपाल के नगरीय निकाय चुनाव के बहाने शिवराज और दिग्विजय अब आमने-सामने होंगे. दिग्विजय सिंह भले ही खुलकर चुनाव प्रचार नहीं कर रहे हों, लेकिन पर्दे के पीछे दिग्विजय सिंह की रणनीति ही काम करेगी और उसे कम नहीं आंका जाता जाता है. जनता से लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं तक उनकी मज़बूत पकड़ है. यही कारण है कि भोपाल सीट को लेकर कांग्रेस का दिग्विजय सिंह पर भरोसा जताना बीजेपी के लिए चुनौती जरूर साबित हो सकता है.
बीजेपी की कमान
उधर नगरीय निकाय चुनाव में भी बीजेपी की ओर से भोपाल में सीधे तौर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कमान संभाल रखी है. पिछली बार शिवराज समर्थक आलोक शर्मा जीतकर महापौर बने थे और इस बार भी भोपाल नगरीय निकाय के लिए शिवराज सिंह चौहान की पसंद ही पार्टी का चेहरा होगा.



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