मृतक सिस्टम! JP Hospital में आधी रात अटकी ऑक्सीजन सप्लाई, गई 2 मरीज़ो की जान

मध्यप्रदेश/भोपाल – बुधवार-गुरुवार को आधी रात के दरमियान जेपी अस्पताल के कोरोना वार्ड में दो मरीजों ने दम तोड़ दिया। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि रात में ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई थी, जिसके कारण मरीजों की जान चली गई। हालांकि आरोपों पर जेपी के सिविल सर्जन डॉ. राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि ऑक्सीजन सप्लाई नहीं रुकी थी। दोनों मरीजों की हालत गंभीर थी। फिलहाल शासन ने अब तक इस मामले पर किसी तरह की जांच के आदेश नहीं दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में शामिल भानपुर के कल्याण नगर की 50 वर्षीय रामरती अहिरवार कोरोना के आईसीयू में भर्ती थीं, जबकि दूसरे मरीज सीबी मेश्राम कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती थे।
बताया जा रहा है कि सीबी मेश्राम को दो दिन पहले ही परिजनों ने यहां भर्ती किया था। उनको निमोनिया था। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो उनकी कोरोना जांच कराई गई, लेकिन रेपिड एंटीजन टेस्ट निगेटिव थी। ऐसे में आरटीपीसीआर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट नहीं आने की स्थिति में उनको कोरोना सस्पेक्टेड वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा था। जहां गुरुवार तड़के करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई।
जबकि, दूसरी मृतक रामरती अहिरवार के बेटे जीवन ने बताया की उनकी मां की हालत बुधवार रात तक अच्छी थी। उन्होंने मुझसे बात की, दलिया खाया और सो गई थीं। लेकिन गुरुवार सुबह 7 बजे डॉक्टर ने फोन कर बताया कि मां की हालत बहुत खराब है, आकर देख लो। जब हम अंदर गए तो मां बेसुध पड़ी थीं। हम मां को दूसरे अस्पताल ले जाना चाहते थे, उन्हें बाहर भी ले आए, लेकिन अस्पताल वालों ने पुलिस बुला ली और हमें मां को नहीं ले जाने दिया।




