हमीदिया अस्पताल में बड़ी लापरवाही, शवों की हुई अदला बदली, मुस्लिम महिला का हिंदू रीति रिवाज से हो गया अंतिम संस्कार

मध्यप्रदेश/भोपाल – मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमित मरीज़ो के आकड़ो के साथ साथ मौत का आकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा हैं। इसके साथ ही अस्पतालों से भी लापरवाही की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। मामला हमीदिया अस्पताल से सामने आया है, जहां अस्पताल प्रबंधन ने एक बड़ी और बेहद गंभीर लापरवाही की हैं।
दरअसल, यहां कोरोना से मौत के बाद मॉर्चुरी में रखे दो महिलाओं के शवों की अदला बदली हो गई। मुस्लिम महिला का हिंदू परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया, जब मुस्लिम परिवार शव लेने पहुंचा तो उन्हें इसका पता चला। उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद अस्पताल में अभी दोनों पक्ष जमा हो गए। वहां हंगामा शुरू हो गया।
मुस्लिम पक्ष के मुताबिक 70 वर्षीय नफीसा बी को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उन्होंने डीएम तोड़ दिया। जिसके बाद शव मॉर्चुरी में रखवा दिया गया। गुरुवार दोपहर जब परिजन हमीदिया अस्पताल शव लेने पहुंचे, तो उन्हें जिस महिला का शव दिया गया वह उनकी परिचित नहीं थी। रिकॉर्ड में खंगालने पर पता चला कि सुबह एक हिंदू परिवार को नफीसा बी का शव दिया जा चुका हैं।
इसके बाद जब पीड़ित पक्ष ने हिंदू परिवार को हमीदिया बुलाया। हिंदू परिवार ने बताया कि शव देते समय उन्हें शव का चेहरा दिखाया था। वह उनकी परिजन की थी। बाद में अंदर ले जाकर उसे पैक करके दे दिया गया। इसके बाद हमने हिंदू रीति रिवाज से उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया। लेकिन जब हिंदू परिवार अस्पताल पंहुचा तो उन्होंने देखा कि उनकी परिचित का शव तो यही हैं।
इस पुरे मामले के बाद अस्पताल में हंगामा हुआ। वहीं, अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी हैं। लेकिन सवाल यही उठ रहा है कि इस तरह की लापरवाही हुई कैसे?




