भोपाल : ब्लैक फंगस का कहर, हमीदिया अस्पताल में 2 दिन के भीतर भर गए इतने बेड, सरकार अलर्ट मोड़ पर

मध्यप्रदेश/भोपाल – कोरोना के बढ़ते कहर के बीच ब्लैक फंगस नई मुसीबत बनता जा रहा हैं। ब्लैक फंगल इंफेक्शन को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर हैं। सरकार ने बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए तैयारी शुरू कर दी हैं।
बता दे कि राजधानी भोपाल में अब तक 70 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। भोपाल में अलग-अलग अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 70 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा हैं। हमीदिया अस्पताल में सबसे ज्यादा 23 मरीज भर्ती हैं। हमीदिया में 2 दिन में 30 बेड में से 15 बेड मरीजों से भर चुके हैं।
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि ब्लैक फंगस इंफेक्शन से निपटने के लिए चार विंग काम कर रही हैं। इनमें ईएनटी, नेत्र रोग विभाग, न्यूरोलॉजी और मेडिसन को मिलाकर एक यूनिट बनाई गई हैं। सर्जरी के लिए नॉन कोविड और कोविड पॉज़िटिव मरीजों के लिए अलग-अलग ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था भी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले फेज में गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल और जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में यूनिट शुरू की जा रही हैं।
बता दे कि बुधवार को ब्लैक फंगस के बढ़ते इंफेक्शन को लेकर हमीदिया अस्पताल में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और डॉक्टर्स, अधिकारियों की आपात बैठक हुई थी। इसमें अमेरिकी डॉक्टर मनोज जैन से बीमारी से निपटने के उपाय करने पर डेढ़ घंटे चर्चा हुई। डॉ मनोज जैन ने इस से निपटने के लिए कई सुझाव इस बैठक में दिए। जिसपर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सुझावों पर अब मध्यप्रदेश में अमल किया जाएगा।
बताया जा रहा है कोरोना से पीड़ित होने के बाद स्टारायेड के ओवरडोज के कारण भी यह संक्रमण अटैक करता हैं। कोरोना का इलाज करा चुके मरीज़ों में खासतौर से जिन्हें ऑक्सीजन का सपोर्ट लेना पड़ा या स्टेरॉयड की ओवरडोज हुई उनमें ये फंगस पनप रही हैं। फंगस आंख, नाक, कान या ब्रेन में भी हो सकती हैं।



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