भोपाल: शहरों व स्थलों के नाम बदलकर नगरीय निकाय चुनाव जीतने की तैयारी में जुटी भाजपा ! हैदराबाद माॅडल और आयुष्मान कार्ड हो सकता है नगरीय निकाय चुनाव जीतने का बडा मुद्दा !!

भोपाल: शहरों व स्थलों के नाम बदलकर निकाय चुनाव जीतने की तैयारी में जुटी भाजपा ! हैदराबाद माॅडल और आयुष्मान कार्ड हो सकता है निकाय चुनाव जीतने का बडा मुद्दा !!
भोपाल/राजकमल पांडे। यह कहना कोई अतिश्योक्तिपूर्ण नही होगा कि भाजपा राम के नाम पर पहले लोकसभा व विधानसभा चुनाव जीतें हैं. क्योंकि लोग पहले राम के नाम पर वोट देते भी थे। पर जब लोग राम के नाम पर भीख देना बंद कर दिए तो नेताओं को भी लगा अब राम के नाम पर वोट नहीं मिलेंगे। इसलिए अब नगरीय निकाय चुनाव में शहरों व स्थलों के नाम बदलकर वोट साधने की तैयारी में भाजपा चुट गई है। भाजपा ने निकाय चुनाव में जीत के लिए हैदराबाद माॅडल पर काम शुरू कर दिया है, जिसके तहत एक तरफ भगवा कार्ड का दांव खेलकर हिंदुत्व के नाम पर वोटों का धु्रवीकरण करने तो दूसरी तरफ आयुष्मान कार्ड बनाने का काम निकायों व पंचायतों को सौंपकर वोट साधने और सहानुभूति प्राप्त करने की पूरी जोर आजमाइश की जा रही है। पार्टी ने यह योजना औवेसी के गढ़ हैदराबाद में हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों में आजमाई है। जिसमें उन्हें अपेक्षाकृत रूप से सफलता भी मिली है। गृहमंत्री अमित शाह और उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने हैदराबाद का नाम भाग्य नगर करने की बात कही। तो उनके इस दांव से हैदराबाद में हिन्दू वोटों का बडे पैमाने पर ध्रवीकरण हुआ और भाजपा ने पिछले चुनाव की अपेक्षा 16 गुना से अधिक सफलता प्राप्त कर 49 सीटें जीती थी। अब इसी दांव को भाजपा मध्यप्रदेश में निकाय चुनाव में भी आजमाने वाली है।
गौरतलब है कि प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने ईदगाह हिल्स का नाम गुरूनानक टेकरी करने की मांग करके सिखों व हिन्दू वोटरों को साधने का काम शुरू कर चुके हैं। हिन्दूओं वोटरों को साधने में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी भी पीछे नहीं रहे उन्होंने इंदौर के खजराना क्षेत्र का नाम गणेश नगर करने की मांग को राजनीतिक तूल दे दिया है। वहीं वर्तमान में दो तिहाई से अधिक नगरीय निकायों पर भाजपा का कब्जा है. बावजूद इसके शहरों व स्थलों के नाम बदलकर हिन्दू और सिख वोटरों को साधने की कोशिश की जा रही है। अखबारों की सुर्खियों में प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी पीछे नहीं हैं, शर्मा ने होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम करने की बात कह चुके हैं। अब भले ही धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का हवाला हो बशर्ते इससे ध्रवीकरण का प्रयास भी किया जा रहा है।




