अशोकनगर : डीएपी खाद की किल्लत, सड़क पर लेटे आक्रोशित किसान, किया चक्काजाम

अशोकनगर : मध्यप्रदेश में किसानों की दिक्कतें थमने का नाम नहीं ले रहीं है, किसानों के सामने अब खाद की किल्लत विकराल हो गई है। प्रदेश में डीएपी खाद की किल्लत विकराल होने की वजह से किसान काफी परेशान है।मामला मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से सामने आया है। जहां डीएपी खाद नहीं मिलने के आक्रोशित किसानों ने आज फिर चक्काजाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार आज (बुधवार) सुबह से ही किसान डीएपी खाद लेने के लिए निजी दुकान के सामने पहुंच गये थे। जैसे ही दुकान खुली तो किसानों को बताया गया की डीएपी की जगह यूरिया ही मिल पाएगा। इसी बात से किसान आक्रोशित हो गए और जाम लगा दिया। मंडी गेट के सामने किसानों ने एक निजी दुकान के आगे जाम लगाया और यातायात बिधित किया। इस दौरान प्रदर्शन करते हुए कुछ किसान सड़क पर लेट गए। किसानों का कहना है कि उन्हें कई दिनों से डीएपी देने का आश्वासन दिया जा रहा है मगर आज भी वह नहीं मिला।
किसानों का कहना है कि कल उन्हें डीएपी देने का कहा था, सुबह से वह लाइन में लगे हैं मगर दुकानदार ने यह नहीं बताया कि डीएपी नहीं है, 2-3 घण्टे के इंतजार के बाद उन्हें बताया गया कि डीएपी की जगह यूरिया मिलेगा। इसी बात से किसान आक्रोशित हो गये और बायपास रोड को जाम कर दिया। इधर,
जाम की स्थिति और हंगामा बढ़ता देख पुलिस प्रशासन व वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और लगातार मामला शांत कराने के लिये कड़ी मशक्कत करते रहे।
मिली जानकारी के अनुसार सभी 3400 सहकारी संस्थाओं में इस समय खाद नहीं है। जिन 25 जिलों में अगले 20 दिन में रबी सीजन की फसलों गेहूं, चना, मसूर, सरसों की बुवाई होना है, वहां की सहकारी संस्थाएं भी खाली पड़ी हैं। बता दे कि भोपाल, रायसेन, सीहोर, शिवपुरी, श्योपुर, अशोकनगर, गुना, राजगढ़,जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, दमोह, नरसिंहपुर, ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना, होशंगाबाद, सागर, दमोह, विदिशा, रीवा, सीधी, सतना, देवास, शाजापुर, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच जैसे जिलों में किसानों को तुरंत खाद चाहिए, लेकिन यहां खाद की काफी किल्लत देखी जा रहीं हैं।
खास बात ये है कि डीएपी की 1200 रु. की बोरी 1450 और एनपीके की बोरी 1700 रु. में बिक रही है। मजबूरन किसानों को महंगे दामों में खाद खरीदना पड़ रही है। इसकी बड़ी वजह रबी सीजन की बुवाई का समय 15 नवंबर तक ही रहता है।




