सभी खबरें

उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती में विवाद: नियुक्ति से वंचित हो सकते हैं बड़ी संख्या में छात्र

उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती में विवाद: नियुक्ति से वंचित हो सकते हैं बड़ी संख्या में छात्र

 

 भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश में चयनित शिक्षक भर्ती अब तक पूरी नहीं हुई सरकार बड़े-बड़े वादे करती रही लेकिन वादे सिर्फ जनदर्शन कार्यक्रम तक नजर आए.

चयनित शिक्षक परेशान है उनकी नियुक्तियां अभी तक अधर में है.चयनित शिक्षकों में ही शिक्षक भर्ती वर्ग 1 के सह विषयों को अमान्य किया जा रहा है. जिस से चयनित शिक्षक परेशान है उनकी मांग है कि मैथ्स और बायो के अलाइड सब्जेक्ट्स वाले चयनितों को रिजेक्ट ना किया जाए.

 इस भर्ती प्रक्रिया में जीव विज्ञान विषय हेतु 1699 पदों के लिए लगभग 1800 उम्मीदवार हैं जिनमें से 1239 चयन सूची तथा 413 प्रतीक्षा सूची में शामिल है. चयन सूची तथा प्रतीक्षा सूची में से लगभग 700 उम्मीदवार जीव विज्ञान के सह विषय जैसे माइक्रोबायोलॉजी बायोटेक्नोलॉजी बायोकेमेस्ट्री आदि से स्नातकोत्तर उपाधि वाले हैं. विभाग द्वारा दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में इन अभ्यर्थियों को अयोग्य निर्धारित किया जा रहा है.

 बताते चलें कि इससे पूर्व समस्त भर्ती प्रक्रिया में 2005,2008, और 2011में इन विषयों के छात्रों को जीव विज्ञान विषय में संविदा शाला शिक्षक के रूप में नियुक्ति दी गई थी.

 अभ्यर्थियों की मांग चयन सूची में किया जाए शामिल 

 अभ्यर्थियों की मांग है कि उन्हें अयोग्य ना साबित करते हुए चयन सूची में शामिल किया जाए

 ओबीसी आरक्षण की वजह से सरकारी है बात कह रही है कि मामला कोर्ट में है कोर्ट जाते ही स्थिति साफ करेगी चयनित शिक्षकों को नियुक्ति दी जाएगी.

 वर्ष 2017 में जबलपुर हाईकोर्ट ने यह बात कही थी कि यदि किसी विषय के सह विषय हैं तो और इन विषयों के लिए अगर अलग से नियुक्ति नहीं होती है तो सह विषय को मुख्य विषय में नियुक्ति प्रदान की जानी चाहिए. इस आधार पर मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इन विषयों के अभ्यर्थियों को वर्ष 2017 में सहायक प्राध्यापक भर्ती में नियुक्ति मिली थी. बताते चलें कि इन विषय के विद्यार्थी दूसरे राज्यों जैसे महाराष्ट्र,छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा इत्यादि में भी मान्य है.

 अब देखना होगा कि आगे आने वाले समय में चयनित शिक्षकों की क्या स्थिति होती है.

उन्हें नियुक्ति कब मिलती है. लंबे समय से इंतजार कर रहे चयनित शिक्षक काफी परेशान है.सरकार द्वारा सिर्फ और सिर्फ तारीख दी जा रही है.

मध्य प्रदेश जिस राह पर चल चुका है ऐसा मालूम पड़ रहा है कि यह प्रदेश अब स्वर्णिम मध्यप्रदेश नहीं रहा.

 बेरोजगारी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है महंगाई चरम पर है जनता परेशान है पर इन सभी चीजों से सरकार को कोई लेना देना नहीं है.

 आगे देखना होगा अभी और क्या स्थिति होने वाली है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button