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 स्क्रैप पॉलिसी के ऐलान के बाद सड़कों से हटेंगे इतने वाहन, बड़ी संख्या में लोग होंगे बेरोजगार! आखिर क्या है सरकार के इंतजाम 

 स्क्रैप पॉलिसी के ऐलान के बाद सड़कों से हटेंगे इतने वाहन, बड़ी संख्या में लोग होंगे बेरोजगार! आखिर क्या है सरकार के इंतजाम 

भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- 1 फरवरी को देश का यूनियन बजट पेश हुआ जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्क्रैप पॉलिसी लाने का ऐलान किया. स्क्रैप पॉलिसी आ जाने के बाद 20 साल पुराने निजी वाहनों और 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को कबाड़ याने कंडम घोषित करते हुए सड़कों से हटाया जाएगा.
 ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में तीन लाख से ऊपर वाहनों को सड़कों से हटाया जाएगा. यह अनुमान सिर्फ राज्य के बड़े शहरों जैसे भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर को लेकर लगाया गया है.
 यातायात विभाग ने अब ऐसे वाहनों के बारे में जिलों से जानकारी जुटाना भी शुरू कर दिया.

 पर लोगों की आंखों में एक सवाल है कि जिन कमर्शियल वाहन को हटाया जा रहा है जो कई लोगों की रोजी रोटी है अगर इन वाहनों को हटा दिया जाएगा तो सरकार उनके लिए क्या इंतजाम करेगी?  ऐसे में बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएंगे और उनकी रोजी-रोटी का सहारा बिछड़ने वाला है. अभी तक ऐसी कोई योजना सामने नहीं आई है जिससे यह बात पता चले कि उनकी रोजी-रोटी का सहारा नहीं छिनेगा.
 प्रदेश के ट्रांसपोर्टरों ने इस काम में लगे लोगों की आजीविका को लेकर अपनी चिंता जताई है. क्योंकि सरकार ने उनकी रोजी-रोटी के बारे में अब तक कोई योजना नहीं बनाई है.

क्या है स्क्रैप पालिसी :- 

​​​वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुरानी गाड़ियों के लिए स्क्रैपिंग पॉलिसी का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पुरानी कारों को स्क्रैप किया जाएगा। इससे प्रदूषण कंट्रोल होगा। तेल आयात बिल भी घटेगा।

इस नई स्क्रैप पॉलिसी का सीधे तौर पर मकसद 20 साल पुरानी निजी गाड़ियों और 15 साल पुरानी व्यावसायिक गाड़ियों को चलन से बाहर करना है. इसके लिए वाहनों के पुनः पंजीकरण करने पर कई गुना शुल्क लेने का प्रस्ताव दिया गया है. इसका सीधा और सकारात्मक असर वाहन उद्योग पर पड़ता है. साथ ही प्रदूषण कंट्रोल में भी मदद मिलती है, क्योंकि पुरानी गाड़ियों से ज्यादा वायु प्रदूषण फैलता है.. बजट में क्लीन एयर के लिए भी 5 साल में 2000 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की गई है.

इस योजना से पुरानी गाड़ियां जल्द चलन से बाहर होंगी.नई गाड़ियों की मांग बढ़ने से ऑटोमोबील सेक्टर में तेजी आएगी. वहीं स्क्रैप सेंटरों पर बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होंगे. साथ ही सेकेंड हैंड गाड़ियों की कीमतें गिर जाएंगी.
यह नई स्क्रैप पॉलिसी 1 अप्रैल 2022 से प्रभावी होंगी.सरकार के इस कदम का मकसद प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाना है इसके लिए भारत स्टेज-VI स्टैंडर्ड मानक के वाहन मालिकों को इन्सेंटिव भी उपबल्ध कराया जाएगा.

सरकार का कहना नई स्क्रैप पॉलिसी से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर:-

इस नई स्क्रैप पॉलिसी से रोजगार के अवसर पैदा होंगे.अब हर वाहन के लिए मालिक को फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा.
 सरकार की इस पॉलिसी से ऑटो सेक्टर को राहत मिलेगी.इस पॉलिसी के तहत पुरानी कार स्क्रैप सेंटर पर भेजनी होगी.  कार बेचने के बाद स्क्रैप सेंटर से एक प्रमाण पत्र मिलेगा.इसे दिखाकर नई कार खरीदने वाले व्हीकल रजिस्ट्रेशन मुफ्त में करा सकेंगे.
सरकार के इस  फैसले के बाद देश में बड़े पैमाने पर स्क्रैपिंग सेंटर्स यानी कबाड़ केंद्रों और मजदूरों की जरूरत पड़ेगी. जिससे रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं.

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