राम मंदिर पर बयान देना महुआ मोइत्रा को पड़ सकता है महंगा, कार्रवाई करने को लेकर किया जा रहा है विचार, लोकसभा में कही थी ये बात
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राम मंदिर पर बयान देना महुआ मोइत्रा को पड़ सकता है महंगा, कार्रवाई करने को लेकर किया जा रहा है विचार, लोकसभा में कही थी ये बात
नई दिल्ली:- सोमवार को लोकसभा में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने राम मंदिर को लेकर सीजेआई गोगोई पर अभद्र टिप्पणी थी जिसके बाद अब केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने यह बात कही है कि राम मंदिर के फैसले और तत्कालीन सीरियाई पर अभद्र टिप्पणी करना एक गंभीर विषय है इसे लेकर तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा पर उचित कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है.
बता दें कि लोकसभा में महुआ मोइत्रा ने कहा था कि तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई ने दबाव में आकर राम मंदिर का फैसला दिया था. मथुरा की उस टिप्पणी के बाद भाजपा सदस्यों व सरकार ने इसका विरोध भी किया था.
महुआ मोइत्रा का इस तरह से बयान अब उन पर महंगा पड़ सकता है.
लोकसभा से हटाई गई पूर्व सीजेआई की टिप्पणी :-
तृणमूल कांग्रेस सदस्य महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान सोमवार को भारत के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी कर लोकसभा में हंगामा खड़ा कर दिया। सत्तापक्ष ने महुआ पर संसदीय नियमों के उल्लंघन और पद का अनादर करने का आरोप लगाया।
सत्तापक्ष ने तुरंत उनकी टिप्पणी को कार्यवाही से निकालने की मांग करते हुए तर्क दिया कि यह राष्ट्रपति की गरिमा पर सीधा हमला है जो भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद के लिए किसी व्यक्ति का चयन करता है।
पश्चिम बंगाल के कृष्णा नगर से 45 वर्षीय सांसद ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश का जिक्र किया, जिनके खिलाफ एएम के आरोप के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।
अपने कड़े शब्दों वाले भाषण में मोइत्रा ने ‘घृणा और कट्टरता’ को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि देश की न्यायपालिका और मीडिया को भी विफल कर दिया गया है।
महुआ मोइत्रा ने जब मुख्य न्यायाधीश का नाम लिया तो तुरंत बाद भाजपा के निशिकांत ठाकुर और संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने संसदीय नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई कि विशिष्ट उच्च पदों के नाम लेना नियमों का उल्लंघन है।
महुआ ने अपने भाषण में कई बार कायरता जैसे शब्द का इस्तेमाल करते हुए सरकार पर ‘सत्ता और अधिकार के पीछे छिपने’ का आरोप लगाया और यह भी कहा कि आलोचना करने को राजद्रोह करार देकर भारत को ‘वर्चुअल पुलिस स्टेट’ बना दिया है.
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