21वीं सदी में नहीं किया जा सकता आत्मसम्मान के साथ समझौता – सिंधिया

अशोकनगर। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को अशोकनगर पहुंचे। जहाँ उन्होंने कुशवाह समाज के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस छोड़ने की वजह बताई। साथ ही कहा कि कुशवाह समाज का वर्णन महाभारत काल में भी है। साथ ही सिंधिया ने अपने नाम के ज्योति शब्द को ज्योतिबा फुले से जोड़कर बताया। सिंधिया ने कहा कि कार्यक्रम में महापुरुषों की तस्वीरें नहीं लगी हैं। ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले आदि महापुरुषों की तस्वीरें लगाई जानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को उनके पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा मिल सके। सिंधिया ने कहा कि मैं हमेशा कुशवाह समाज के साथ आखिरी सांस तक खड़ा रहूंगा।

वहीं गुना रोड पर एक निजी मैरिज गार्डन में आयोजित रघुवंशी समाज के कार्यक्रम में भी सिंधिया शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपके समाज के एक व्यक्ति को रणभूमि में उतारा था। सिंधिया परिवार कभी भी किसी को रणभूमि में अकेला नहीं छोड़ता है। वर्तमान में लोग आगे से मीठे और पीछे से छुरी लिए रहते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पिता ने ओवरब्रिज बनवाया तो मैंने अंडरब्रिज बनाकर दिया। अशोकनगर में एक ट्रेन नहीं आती थी, मैंने ट्रेनों की झड़ी लगा दी। अशोकनगर में ट्रामा सेंटर बनवा दिया, सड़कों का जाल बिछा दिया। सड़कों की हालत पहले क्या थी, आप सबको पता है। गुना से अशोकनगर आने में तीन घंटा लगते थे, इसके पहले सिंधिया ने ईसागढ़ में केवट समाज के सम्मेलन में भाग लिया।

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