निगम कमिश्नर को जारी हुआ नोटिस: हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कर्मचारी को नहीं मिली पदोन्नति

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने निगम कर्मचारी को प्रमोशन देने को लेकर लगी याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर कोर्ट के आदेश की अवहेलना मामले में जवाब मांगा है। इससे पहले हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए नगर निगम कमिश्नर आशीष वशिष्ठ को तलब किया था।
जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नगर निगम के कर्मचारी को पदोन्नति नहीं दी गई है। जिसके चलते कोर्ट ने इस मामले में दोषी अधिकारी के खिलाफ़ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं निगम के कर्मचारी लक्ष्मण बरौआ ने याचिका दायर की थी। अब हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर निगम आयुक्त स्वप्निल वानखेड़े को नोटिस देकर जवाब मांगा है। साथ ही याचिकाकर्ता लक्ष्मण बरुआ की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्यायने न्यायालय में बताया कि याचिकाकर्ता हाका गैंग कर्मचारी है। 2002 में हाका गैंग कर्मचारियों को वार्ड सुपरवाइजर क्लास 3 पोस्ट पर पदोन्नति दी गई थी, लेकिन उसे पदोन्नति ना देने के कारण उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने 2004 में आदेश दिया था कि जैसे ही पद उपलब्ध हो और प्रतिबंध खत्म हो याचिकाकर्ता को प्रमोशन दिया जाए। नगर निगम ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को चतुर्थ श्रेणी में ही पदोन्नत कर दिया था।




