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22 को भोपाल दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आदिवासियों को साधने की कोशिश, ऐसा होगा पूरा कार्यक्रम

भोपाल : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अप्रैल को भोपाल आ रहे है, जिसको लेकर तैयारियों का दौर तेज़ हो गया है। गृह मंत्री इस दौरान वनोपज समिति तेंदूपत्ता संग्राहक सम्मेलन के कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। बता दे कि भोपाल में अमित शाह करीब 6 घंटे तक रुकेंगे। 

ऐसा होगा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पूरा कार्यक्रम

  • सुबह 10.30 बजे भोपाल हवाई अड्डे पर आगमन
  • सुबह 11 बजे केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी पहुंचेंगे
  • सीएपीटी में शहीद जवानों को पुष्पांजलि देंगे, पौधारोपण करेंगे
  • सुबह 11.30 बजे सीएपीटी में अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन
  • दोपहर 1.30 बजे सीएम हाउस जाएंगे
  • सीएम हाउस में सीएम शिवराज के साथ लंच करेंगे
  • दोपहर 2.30 बजे जंबूरी मैदान पहुंचेंगे
  • तेंदूपत्ता संग्राहकों के खातों में प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर करेंगे
  • वन ग्राम से राजस्व ग्राम में परिवर्तन प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे
  • दोपहर 3 बजे नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का ई भूमिपूजन करेंगे
  • शाम 4.30 बजे भोपाल से वापस दिल्ली रवाना

बता दे कि मुख्य कार्यक्रम जंबूरी मैदान में आयोजित होगा। सम्मेलन के एक सप्ताह पहले से जंबूरी मैदान में काम शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि जंबूरी मैदान में बड़े डोम तैयार किए जा रहे हैं। इस मेगा इवेंट की तैयारी भी इसी हिसाब से चल रही है। करीब डेढ़ सौ मजदूर इस काम में लगे हैं।

कहा जा रहा है कि जंबूरी मैदान के ठीक सामने पांच हेलीपेड में से किसी एक में शाह का हेलिकॉप्टर लैंड होगा। हेलीपेड के आसपास भी बैरिकेड्स लगाए जा रहे हैं। बैरिकेडिंग के बाद सुरक्षा के लिए पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे। बता दे कि एक लाख से अधिक लोगों के हिसाब से व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

वहीं, गृहमंत्री के दौरे को देखते हुए व्यवस्थाओं की कमान भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने अपने हाथों में ले रखी हैं। 

गौरतलब है कि अमित शाह के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल, मध्य प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं। 2013 में हुए विधान सभा चुनाव में 47 में से बीजेपी को 32 सीटों पर जीत मिली थी जबकि कांग्रेस को केवल 15 सीट मिली थीं। 2018 में हुए विधान सभा चुनाव में ये आंकड़ा पलट गया और बीजेपी के खाते में 16 सीट रह गई जबकि कांग्रेस को 30 सीट मिली थीं।  बीजेपी अब इस गैप को भरने की कवायद में जुटी है। इससे पहले आदिवासियों को साधने के लिए उसी जंबूरी मैदान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर महीने में आदिवासी गौरव दिवस में शामिल हुए थे।

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