CM Shivraj के हेलिकॉप्टर को रोका, जांच में लगे 15 मिनट, BJP ने मांगा जवाब….ये है पूरा मामला

भोपाल : पिछले हफ्ते मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह चौहान को टीकमगढ़ के पृथ्वीपुर और सतना के रैगांव में होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार करने जाना था। इसके लिए उन्होंने भोपाल स्टेट हैंगर खजुराहो के लिए हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी थी। सीएम का हेलिकॉप्टर झांसी के बबीना के कैंट एरिया में पहुंचा, तो एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) ने लैंडिंग के अनुमति नहीं होने के कारण ऊपर ही रुकने को कह दिया। जिसके कारण मुख्यमंत्री शिवराज का हेलिकॉप्टर 15 मिनट तक मंडराता रहा।
वहीं, मामले पर ATC के एक अधिकारी ने अनौपचारिक रूप से बताया कि बबीना एक फायरिंग रेंज है। वहां का ATC केंद्रीय सिविल एविएशन के अंतर्गत आता है। हेलिकॉप्टर का रूट ATC ही तय करता है। अगर हेलिकॉप्टर अपने तय रूट से भटक जाता है या फिर गलत रूट पर जाता है तो ATC उसे रोक सकता है। जबकि, एटीसी के अधिकारियों ने घटना की जांच की, इसमें करीब 15 मिनट का समय लगा। इस दौरान सीएम का हेलिकॉप्टर हवा में ही लटका रहा। जांच के बाद हेलिकॉप्टर को लैंडिंग की अनुमति दी गई। हेलिकॉप्टर ने खजुराहो में लैंडिंग की।
ऐसे हुआ इस घटना का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ, जब शिवराज ने घटना का कारण पता लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। घटना 8 अक्टूबर की है। घटना को लेकर शिवराज ने नाराजगी भी जताई है। बताया जा रहा है कि उपचुनाव आचार संहिता के कारण यह हेलिकॉप्टर बीजेपी ने किराए से लेकर मुख्यमंत्री को दिया था। हालांकि, हेलिकॉप्टर किराए पर देनी वाली कंपनी सारथी का कहना है कि टेकऑफ से लेकर लैंडिंग तक कागजी प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली जाती है। झांसी में बिना वजह हेलिकॉप्टर रोका गया था। अब मामले में बीजेपी ने कंपनी से जवाब तलब किया है।




