MP : 3 मंत्रियों का निजी सचिव बताकर अफसरों और कर्मचारियों से की लाखों की ठगी, गिरफ्तार

मध्यप्रदेश/भोपाल : पुलिस ने मध्यप्रदेश के दो मंत्रियों के नाम पर ठगी करने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार किया हैं। आरोपी खुद को मंत्री भूपेंद्र सिंह और मोहन यादव का निजी सचिव बताकर अफसरों और कर्मचारियों को तबादला करवाने का झांसा देकर ठगी करता था। जिसको पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया हैं।
बताया जा रहा है कि जबलपुर का रहने वाला शैलेंद्र पटेल वर्तमान में भोपाल के साकेत नगर में रह रहा था। वह किसी तरह विभाग के बारे में पता कर लेता था। इसके बाद ट्रांसफर करवाने वाले अफसरों को फोन करके उन्हें अपनी बातों में फंसाता था। जो उसकी बातों में आ जाता उससे पहले कागजात मांगता। इसके बाद मंत्री के नाम पर रुपए की मांग करता था।
इस मामले में क्राइम ब्रांच एएसपी गोपाल धाकड़ का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर है, वह न तो खुद का फोन इस्तेमाल करता था, न ही अपने खाते में रुपए ही मंगाता था। वह न्यू मार्केट में स्थित एक फोटोकॉपी दुकान के संचालक के वाट्सऐप पर कागजात मंगाता था और उसी के लैंडलाइन से फोन करता था। सीधी के एक व्यक्ति का एकाउंट का एटीएम कार्ड उसने पास था जिसमें वह रुपए मंगाता था। साकेत नगर से गिरफ्तार कर लिया हैं।
क्या है पूरा मामला
साइबर पुलिस ने बताया कि जालसाज शैलेन्द्र पटेल ने जबलपुर के आट्र्स एंड कॉमर्स कॉलेज में पदस्थ महिला प्रोफेसर आभा पाण्डेय को फोन करके खुद को उच्च शिक्षा मंत्री का पीए विजय बुदवानी बनकर बात की। जालसाज ने उन्हें ट्रांसफर करा देने का झांसा दिया और 75 हजार रुपए अपने बताए एकाउंट में ट्रांसफर करा लिए। ट्रांसफर नहीं होने पर प्रोफेसर ने मंत्री के कार्यालय सम्पर्क किया तो ठगी का पता चला। मामला सामने आने पर पीए विजय बुदवानी ने 20 जुलाई को साइबर सेल में शिकायत की थी।
इस से पहले नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह के निज सचिव मयंक वर्मा ने पुलिस को बताया कि उन्हें कुछ अधिकारियों ने फोन कर ट्रांसफर के बारे में पूछा। आरोपी ने पाटन, जबलपुर और शाजापुर के सीएमओ से ट्रांसफर करने के नाम पर रुपए लिए थे। आरोपी शैलेंद्र अब तक इन लोगों से करीब 2 लाख रुपए की ठगी कर चुका हैं।
इतना ही नहीं ये आरोपी इससे पहले पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिसोदिया का पीए बनकर भी अधिकारियों से ठगी कर चुका था। जिस मामले में उसे गिरफ्तारी के एक महीने बाद ही जमानत मिल गई जिसके बाद उसने दूसरे मंत्रियों के निज सचिवों के नाम से ठगी शुरू कर दी। ठगी के पीडि़तों के सामने आने के बाद उच्च शिक्षा मंत्री के पीए ने साइबर सेल तो नगरीय प्रशासन मंत्री के पीए ने क्राइम ब्रांच में एफआइआर दर्ज कराई थी।
लैंडलाइन पर करता था सौदा
आरोपी बातचीत केवल लैंडलाइन फोन पर करता था। सौदा तय होने पर उनसे मोटी रकम वसूलता था। रुपए और कागजातों का लेन-देने भी एक फोटो कॉपी वाले के जरिए करता था। पुलिस ने उसे इसी फोटो कॉपी वाले के जरिए पकड़ा हैं।
जानकारी के अनुसार आरोपी लैंडलाइन नंबर से ही बात करता था। इसके बाद न्यू मार्केट में एक फोटो कॉपी वाले का वाट्सऐप नंबर देता था। इसी नंबर पर वह उनसे कागजात मंगवाता था। वहीं से वह फोटो कॉपी निकलवा लेता था। आरोपी इसी वॉट्सऐप नंबर के आधार पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसे सोमवार को साकेत नगर इलाके से गिरफ्तार किया हैं।




