एमपी हाई कोर्ट ने लगाई केंद्र को फटकार, केंद्र करे सुनिश्चित, किसी राज्य के ऑक्सीजन को रोका ना जाए

एमपी हाई कोर्ट ने लगाई केंद्र को फटकार, केंद्र करे सुनिश्चित, किसी राज्य के ऑक्सीजन को रोका ना जाए
भोपाल:– मध्यप्रदेश में कोरोना कहर बरपाता जा रहा है. प्रदेश में ऑक्सीजन और इंजेक्शन की लगातार किल्लत बढ़ती जा रही है तो वहीं इंजेक्शन की कालाबाजारी की बातें भी सामने आई हैं. इसी बीच बोकारो से चले ऑक्सीजन टैंकर को उत्तर प्रदेश में रोक दिया गया था. जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और फिर अधिकारियों ने टैंकर को छोड़ा.आज बोकारो से चलाया टैंकर मध्य प्रदेश के सागर पहुंचा है.
आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है और कहा है कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करें कि किसी भी राज्य के टैंकरों को रोका ना जाए.
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि जो भी लोग रेमदेसीविर की कालाबाजारी कर रहे हैं उन पर सख्त से सख्त कार्यवाही हो. 28 अप्रैल को अगली सुनवाई में हाईकोर्ट ने केंद्र और प्रदेश सरकार से 19 बिंदुओं पर अब तक हुए पालन की प्रगति रिपोर्ट मांगी है.
सोमवार 26 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर तक ऑक्सीजन की कमी पर सुनवाई हुई. इसमें चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरण की डबल बेंच ने पूछा कि पूर्व में जो 19 बिंदु दिशा निर्देश जारी किए गए थे उनका पालन किया जा रहा है या नहीं.
पूर्व महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन के टैंकर रोकने की वजह से सागर में सही समय पर ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से एक मरीज की मौत हो गई.
इस तरह से मरीजों को सही समय पर ऑक्सीजन प्राप्त ना हो पाने के कारण लगातार मौतें मध्यप्रदेश में होती रही हैं.
इसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है कि यह सरकार की जवाबदेही है लोगों को सही समय पर ऑक्सीजन मिले.

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