धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020:- विधानसभा स्थगित होने से राज्यपाल से अध्यादेश बनवाकर लाया जा रहा कानून, मुहर लगने का इंतजार

धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020:- विधानसभा स्थगित होने से राज्यपाल से अध्यादेश बनवाकर लाया जा रहा कानून, मुहर लगने का इंतजार
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- यूपी की तरह अब एमपी में भी लवजिहाद के ख़िलाफ़ शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने कैबिनेट में इसे पास करा लिया है. राज्यपाल की इजाज़त के बाद ये क़ानून बन जाएगा. यूपी में नए क़ानून के बाद से 14 केस को चुके है..
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश को मंजूरी दे दी।
धर्म छुपाकर अथवा झूठा अभिनय करके अधिनियम के विरुद्ध धर्म परिवर्तन किए जाने पर कड़ी सज़ा का प्रावधान किया गया है। एक ही समय में 2 या 2 से अधिक लोगों का सामूहिक धर्म परिवर्तन किए जाने पर 5 वर्ष-10 वर्ष का कारावास और न्यूनतम 1 लाख रु. के अर्थदंड की सज़ा होगी..
यह अध्यादेश राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास भेज दिया गया है.
सीएम शिवराज ने यह बात भी कही कि इस कानून के तहत जो व्यक्ति या संस्था धर्म परिवर्तन में सहयोग करेंगे उन्हें भी अपराधी बनाया जाएगा.
शिवराज आए दुनिया बात कैसे रहते हैं कि सरकार के लिए बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है पर मध्यप्रदेश में आए दिन रेप जैसे मामले सामने आ रहे हैं. 5-6 साल की लड़कियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है.. सरकार कहती है कि वह बेटियों के हित में निरंतर कार्य कर रही है पर बेटियों को मिलने वाले साइकिल योजना को भी शिवराज सरकार ने बंद कर दिया. जबकि इस योजना को खुद शिवराज की सरकार ने शुरू किया था. इस योजना को बंद करके हर साल शिवराज सिंह चौहान की सरकार 300 करोड रुपए बचाने की तैयारी में है.
कांग्रेस बोली लाभ उठाने लाए अध्यादेश:-
कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि लव जिहाद पर कानून बनाने के लिए सरकार को 1 दिन का विशेष सत्र बुलाकर भी इसे अमलीजामा दिया जा सकता था. जब नवनिर्वाचित 28 विधायकों को विधानसभा में बुलाकर शपथ दिलाई जा सकती है तो सत्र क्यों नहीं किया जा सकता था.. पीसी शर्मा ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव में लाभ उठाने इसे आनन-फानन में कैबिनेट से मंजूरी दिलाई गई है.
बहस से बचना चाहती है सरकार:- कुणाल चौधरी
दूसरी तरफ कुणाल चौधरी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस कानून को लेकर सरकार विधानसभा में बहस से बचना चाहती है.




