Farmer Protest : सरकार हां या ना में दे जवाब, बहुत हो गई चर्चा, अब अगली बैठक 9 को

नई दिल्ली – शनिवार को विज्ञान भवन में सरकार और किसान नेताओं के बीच 5वें दौर की वार्ता हुई, जो पहले की वार्ताओं की तरह बेनतीजा रहीं। अब 9 दिसंबर को सुबह 11 बजे फिर सरकार और किसान नेताओं की बातचीत होगी। बता दे कि शनिवार को हुई बैठक के दौरान अचानक किसान नेताओं ने मौन धारण कर लिया विज्ञान भवन में किसान नेता तख्ती लेकर बैठ गए। जहां उनका था कि अब जवाब हां या नहीं में चाहिए। किसान संगठनों ने बैठक में कहा कि हम सरकार से चर्चा नहीं, ठोस जवाब चाहते हैं वो भी लिखित में। अब तक बहुत चर्चा हो चुकी हैं।
वार्ता के दौरान किसान नेता सरकार से बेहद नाराज नजर आए। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार हमारी मांगों पर फैसला ले, नहीं तो हम बैठक से जा रहे हैं किसानों संगठनों के नेताओं ने बैठक में कनाडा के प्रधानमंत्री के बयान का हवाला दिया। किसान नेताओं ने कहा कि नए कृषि कानूनों पर कनाडा के प्रधानमंत्री और वहां की संसद चर्चा कर रही है, लेकिन हमारी सरकार हमारी बात को नहीं सुन रही।
सरकार से बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि हमारे पास एक साल की सामग्री हैं। हम पिछले कई दिनों से सड़क पर हैं। अगर सरकार चाहती है कि हम सड़क पर रहें, तो हमें कोई समस्या नहीं हैं। हम अहिंसा का रास्ता नहीं अपनाएंगे। इंटेलिजेंस ब्यूरो आपको सूचित करेगा कि हम विरोध स्थल पर क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम कॉरपोरेट फार्मिंग नहीं चाहते हैं। इस कानून से सरकार को फायदा होगा, किसान को नहीं।
वहीं, बैठक में सरकार ने कहा कि कानून रद्द करने के अलावा कोई और रास्ता निकाला जाए। सरकार की तरफ से संशोधन की बात रखी गई। उधर, कृषि मंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि आप सीनियर सिटीजंस और बच्चों से घरों को लौटने के लिए कहिए। दूसरी तरफ किसान नेता कृषि कानून रद्द कराने पर अड़े रहे। सरकार ने संशोधन का प्रस्ताव दिया, जिसे किसान नेताओं ने ठुकरा दिया।




