MP – म्हारी छोरियां किसी से कम हैं के ! भोपाल की रिया और इंदौर की सुदिप्ति ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान

म्हारी छोरियां किसी से कम हैं के! भोपाल की रिया और इंदौर की सुदिप्ति ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का मान
रिपोर्ट- शैलजाकान्त मिश्रा
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरूस्कार की घोषणा हो चुकी है बुधवार को रामनाथ कोविंद ने 22 बच्चों को इस पुरूस्कार से सम्मानित किया है।
- इसमें कुल 12 लड़के और 10 लड़कियों का चयन किया गया है।
- जिसमें मध्यप्रदेश की भी 2 लड़कियों रिया जैन और सुदिप्ति हजेला का चयन किया गया है।
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राष्ट्रपति कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। भोपाल की रिया जैन को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में पुरस्कार प्रदान किया। रिया ने चित्रकला के क्षेत्र में राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर अनेक कीर्तिमान रचे हैं। इसी तरह खेल के क्षेत्र में इन्दौर की सुदिप्ती हजेला को कठिन अश्वारोहण खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिये सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि ये पुरस्कार अलग.अलग क्षेत्रों में 5 से 18 वर्ष आयु के बच्चों को उनकी विशेष प्रतिभा के लिए प्रदान किए जाते हैं। पुरस्कार में विजेताओं को मैडल प्रशस्ति पत्र एवं एक लाख रुपए धनराशि तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं।
जम्मू कश्मीर के भी 2 बच्चे हुए हैं सम्मानित
कुपवाड़ा निवासी 16 वर्षीय सरताज मोहिदन बडगाम के 19 वर्षीय मुदासिर अशरफ को कश्मीर में साहसी कारनामे के लिए वीरता के इस सम्मान के लिए चुना गया।
कर्नाटक में भीषण बाढ़ के दौरान एंबुलेंस को रास्ता बताने पर इस बालक वेंकटेश को सम्मानित किया गया है। कुपवाड़ा निवासी 16 वर्षीय सरताज मोहिदन बडगाम के 19 वर्षीय मुदासिर अशरफ को कश्मीर में साहसी कारनामे के लिए वीरता के इस सम्मान के लिए चुना गया।
केरल का वीर बालक मुहसीन
इसके अलावा केरल के एक वीर बालक 16 वर्षीय मुहम्मद मुहसीन को मरणोपरांत यह सम्मान मिला है। पिछले वर्ष के अप्रैल माह में समुद्र में खराब मौसम के कारण खतरे में फंसे अपने तीन मित्रों की जान बचाई थी लेकिन वह अपनी जान नहीं बचा सका और उसकी मौत हो गई।
1957 में हुई थी पुरूस्कार की शुरूआत
इसकी शुरुआत वर्ष 1957 में भारतीय बाल कल्याण परिषद ने की थी। इस सम्मान के तौर पर एक पदक, प्रमाण पत्र और नकद राशि दी जाती है।




