योगी सरकार ने बढ़ाया शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का मानदेय

योगी सरकार ने बढ़ाया शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का मानदेय
- शिक्षकों की नियुक्ति के बाद भी अंशकालिक अनुदेशकों का उठा रही खर्चा
- रसोइयों को साल में दो साड़ी उपलब्ध कराएगी योगी सरकार
- स्कूल चलो स्कूल चलो के अभियान से बच्चों में स्कूल जाने की उत्तेजना जाग्रत की
उत्तरप्रदेश/शिवेंद्र तिवारी:- योगी सरकार ने शिक्षकों एवं रसोइयों को नए साल में बड़ा तोहफा दिया है अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा की हमारी सरकार ने बेसिक शिक्षकों के लिए कई परिवर्तन किए हैं उत्तर प्रदेश के लोगों के मन में स्थित दुर्भावनाओं को बदला गया है यह एक व्यक्ति से नहीं बल्कि सामूहिक प्रयास से संभव हो पाया है अगर 2017 में भाजपा सरकार नहीं आती तो अब तक कई स्कूल बंद हो चुके होते स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही थी जिसके चलते हमारी सरकार ने स्कूल चलो स्कूल चलो अभियान के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाई जिससे आज फिर स्कूलों में बच्चों की संख्या दिख रही है यह प्रयास बहुत अधिक सार्थक रहा हमारी सरकार ने कई बदलाव लाने के प्रयास किए हैं जैसे रसोइयों को प्रधान अपने हिसाब से निकाल देते थे इसमें बदलाव भी किया गया है और हमने सवा लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती भी करवाई है प्रदेश में लगातार भ्रष्टाचारी और भू माफियाओं का वर्चस्व बढ़ता जा रहा था जिस पर हमारी सरकार ने नकेल कस दी है।
योगी सरकार उठा रही अंशकालिक अनुदेशकों का खर्चा
प्रदेश में 16 लाख कर्मचारी हैं जिनका कोरोना काल में भी वेतन नहीं रोका गया रसोइयां और अनुदेशक लगातार अपनी बात को उठा रहे हैं रसोइयों के मानदेय को 2018 में हमारी सरकार ने 1500 रुपए कर दिया था। आंगनबाड़ी की तर्ज पर अब सरकार रसोइयों को साल में दो साड़ी भी उपलब्ध कराएगी। 2009 में अंशकालिक अनुदेशकों की भर्ती की गई थी राज्य सरकार को उनका भी सारा खर्चा उठाना पड़ रहा है जबकि सवा लाख शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है इस अवसर पर अनुदेशकों के दो हजार रूपए प्रतिमाह बढ़ाने की घोषणा भी की , जो अब 7000 से बढ़कर 9000 हो जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों के जॉब गारंटी के भी निर्देश दिए हैं इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश कुमार, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।


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