औद्योगिक क्षेत्रों में ज्यादातर फैक्ट्रियों में काम शुरू ,पर कच्चा माल, मजदूर कहां से लाएं
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मध्यप्रदेश /जबलपुर(Jabalpur) -:लॉकडाउन(Lockdown) की कारण से बंद पड़े उद्योग अब धीरे-धीरे चालू हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने दी गई राहत का असर उद्योग क्षेत्र की फैक्ट्रियों में दिखाई देने लगा है । रिछाई (Richai), अधारताल(Adhartal ), मनेरी(mneri) समेत शहर के कई औद्योगिक क्षेत्रों में ज्यादातर फैक्ट्रियों में काम चालू हो गया है। मजदूरों, कच्चे माल की कमी है अब उद्योग चलाने वाले लोगों के चेहरे परपरेशानी साफ दिखाई दे रही है ।उद्योग संचालक और यहां काम कर रहे मजदूरों ने कई व्यवहारिक समस्याएं है , जिन्हें दूर करने में अभी समय लगेगा।
लॉकडाउन के टाइम यहां सन्नाटा था, लेकिन अब फैक्ट्रियों से मशीनों की आवाज आ रही है । मजदूरों के वाहन फैक्ट्री के बाहर खड़े है , जो ये बता रहे थे कि वे अब काम पर लौट आए हैं। इस बीच मसाला फैक्ट्री के संचालक विकास कुकरेजा (Vikas kukreja )ने कहा कि । यहां हल्दी, मैथी, धनिया से लेकर गर्म मसाले की पैकिंग हो रही थी। विकास ने बताया फैक्ट्री में काम शुरू हो गया है, पर अभी बाजार में नकदी नहीं है, जिससे न तो पर्याप्त मात्रा में माल नहीं बिक रहा है और न ही कच्चा माल खरीद पा रहे हैं। अधिक राशि का लेनदेन बैंक से ही करना है, लेकिन बैंक के बाहर लोगों की लंबी कतार लगी है।
10 से 15 %फीसदी महंगा मिल रहा माल
मसाले की फैक्ट्री के पास ही थोक और फुटकर व्यवसाय से जुड़े कुछ लोग खड़े थे। इस बीच किशोर कुकरेजा (Kishor kukreja)ने कहा की लॉकडाउन के पहले और अब, दोनों में क्या अंतर आया है। वे बोले जमीन और आसमान का अंतर है। फैक्ट्री में उत्पादन करने लॉकडाउन के पहले प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों से भी कच्चा माल आसानी से मांगवा लेते थे, लेकिन अब नहीं मांगवा पा रहे हैं। हमें मजबूरन शहर से कच्चा माल खरीदना पड़ रहा है, जो 10 से 15% फीसदी महंगा पड़ रहा है। ऐसे में उत्पाद की कीमत बढ़ाना अब हमारी मजबूरी बन गई है।



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