रायसेन:- 32 करोड़ खर्च करने के बाद भी रायसेन नगर है प्यासा, आए दिन होती रहती है पानी की समस्या

रायसेन:- 32 करोड़ खर्च करने के बाद भी रायसेन नगर है प्यासा, आए दिन होती रहती है पानी की समस्या
क्या जिंदगी भर का रोना रोने के लिए मजबूर रहेंगे नगरवासी ?
3 दिन से हलाली परियोजना का नहीं आ रहा पानी, नपा कर्मचारी कर रहे है कार्य
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष के घर पानी लेकर पहुंचीं फायर ब्रिगेड
रायसेन/ अमित दुबे-मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जल आवर्धन योजना के तहत रायसेन में फिल्टर प्लांट लगाकर 32 करोड़ रुपए की योजना तैयार की गई। जिसमें महज लगभग 40 किलोमीटर हलाली डैम से पानी लाया गया। लेकिन आए दिन परियोजना के कहीं पाइप फूट जाते हैं, कहीं मोटर जल जाती है, तो कहीं लाइन फट जाती है। जिसके तहत नगर वासियों को पानी ना मिलने के कारण परेशान होना पड़ता है।

कोई 500 रुपए खर्च करता है तो कोई दूर दूर से पानी लाकर अपना गुजारा करता है। वहीं 32 करोड़ खर्च करने के बाद भी रायसेन के नगर वासियों का हाल वैसा का वैसा है जैसा पहले नहीं था। वहीं नगर के ट्यूब बैलों को भी नगर पालिका द्वारा बंद करा दिया गया है अगर नगर पालिका उन ट्यूब बैलों को चालू करा दे तो पानी की कुछ समस्या का हल हो सकता है। हालांकि नगर पालिका इस समय टैंकरों से पानी सप्लाई का कार्य कर रही है लेकिन गरीब और मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों को आज भी पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। बड़े बड़े राजनीतिक लोगों के यहां तो नगर पालिका के कर्मचारी तत्काल पानी मुहैया करा देते हैं।वहीं वार्ड क्रमांक 12 पटेल नगर के गरीब बस्ती के लोग पास की श्रीजी सिटी की कॉलोनी से पानी भरकर अपना कार्य कर रहे हैं। वहीं श्रीजी सिटी के प्रबंधक जुबेर कुरैशी ने बताया कि आए दिन पानी की समस्या होती रहती है और तो और जब से यह हलाली परियोजना शुरू हुई है तब से वार्ड क्रमांक 11 और 12 के बस्ती के लोग हमारे यहीं से पीने का पानी ले जाते हैं और हम इनका पूर्ण रुप से सहयोग करते हैं क्योंकि जल है तो जीवन है और पानी के लिए कभी कोई मना नहीं करता है।
क्या जिंदगी भर का रोना रोने के लिए मजबूर रहेंगे नगरवासी
हलाली परियोजना के लिए 32 करोड रुपए नगर पालिका परिषद द्वारा खर्च करने के बाद भी आज नगरवासी पानी के लिए मोहताज होते हुए दिखाई दे रहे हैं। क्या इन लोगों के पास जिंदगी भर का रोना रोने के लिए मजबूर होना पड़ेगा या ऐसे ही धीरे-धीरे जिंदगी की कहानी चलती हुई दिखाई देगी या इनको पूर्ण रूप से जल सुविधा का समाधान हो सकेगा। यह सारे प्रश्न हर एक नगरवासी के मन में चल रहे हैं कि आए दिन हमें हलाली का पानी पीने के लिए एक तो जबरन मजबूर होना पड़ता है और कभी-कभी तो यह पानी भी सोना बन जाता है।
3 दिन से नहीं आए नगर में नल
विगत 3 दिनों से नगर में पानी सप्लाई नहीं हो पाई है कई जगह टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया गया है 3 दिन से नगरवासी पानी के लिए कई दूर पैदल चलकर पानी ला रहे हैं तो कोई किसी के यहां पानी भरने जा रहा है पीने के पानी की भी बड़ी मुश्किल से व्यवस्था हो पा रही है तो कोई प्राइवेट टैंकर से 500 रुपए खर्च करके अपना गुजारा कर रहा है।
पूर्व नपा अध्यक्ष ने अपने घर बुलवाया फायरब्रिगेड से पानी
वहीं नगरवासी पानी को तरस रहे हैं किसी के घर टैंकर नहीं पहुंच पा रहा है तो किसी के घर पीने की पानी की समस्या है वहीं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जमना सेन के यहां भी पानी खत्म हो जाने के बाद नगर पालिका द्वारा फायर ब्रिगेड से पानी पहुंचाया गया और उनके घर के पीछे फायर ब्रिगेड को खड़ा करवा कर श्री सेन का पानी भरवाया गया। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजनीतिक और बड़े लोगों को नगर पालिका कैसे सहायता करती है और जो लोग हर महीने अपना जल कर का भुगतान कर रहे हैं वह आज पानी के लिए तरस रहे हैं।
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