ऐसा होगा जबलपुर में बनने वाला "फ्लाईओवर", जानिए इसका पूरा "लेआउट" प्लान यहां

मध्यप्रदेश/जबलपुर – जबलपुर महाकौशल का मुख्यालय है और लंबे समय से यह कहा जाता रहा है कि जबलपुर और महाकौशल की उपेक्षा हो रही है और इसकी पीड़ा सभी जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ क्षेत्र की जनता को भी हमेशा रही हैं। लेकिन मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद जबलपुर के साथ महाकौशल पर जो उपेक्षा का दंश था वह दूर हटा और विकास की कड़ी में जबलपुर आगे आकर खड़ा हुआ और इसके बाद केंद्र में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी तो जबलपुर में सौगातो की झड़ी लग गई और जबलपुर को ऐसी सौगाते प्राप्त हुई जिन पर न केवल जबलपुर बल्कि पूरा मध्य प्रदेश गर्व कर सकता हैं। इन सभी विकास कार्यों और सौगात में सभी जनप्रतिनिधियों का सहयोग रहा जिसकी वजह से हम जबलपुर के विकास गति देने में कामयाब हो रहे है।

बता दे कि जबलपुर को एक बड़ी सौगात मिली है जिसे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जबलपुर प्रवास के दौरान साँसद निवास में ही स्वीकृति दी थी, वह है जबलपुर में बनने वाला मप्र के सबसे बड़ा फ्लाई ओवर जो कि दमोह नाका चौक से प्रारंभ होकर मदन महल चौक तक बनेगा इसके निर्माण कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी हैं।
इस फ्लाईओवर के निर्माण में जो कार्य किए जा रहे हैं वह किस तरह होंगे और जब यह फ्लाईओवर बनकर तैयार होगा वह किस तरह का होगा इसे हम वॉक थ्रू प्रेजेंटेशन के माध्यम से देख सकते हैं।

मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर 3 साल में होगा पूरा
- कंस्ट्रक्शनल डिटेल
- निर्माण एजेंसी- लोक निर्माण विभाग
- कुल लागत – 767 करोड़ रुपए
- अप्वॉइंट डेट – 5 मई 2020
- पूर्ण होने की अवधि – 36 माह 5 मई 2023
- ठेका कंपनी – एनसीसी (नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी)
यह कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग डैम एयरपोर्ट पावर के क्षेत्र में भी निर्माण कार्य करती है और भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसने निर्माण कार्य किए हैं।
- डिजाइनिंग टीम
- कंसलटेंट एजेंसी – STUP (इस्टूप)

इस्टूप द्वारा बनाई गई डिजाइन की एक अन्य फ्लाईओवर कंपनी भी जांच करेगी इसके अतिरिक्त जांच हेतु आईआईटी बॉम्बे को भी अनुबंधित किया गया है और सड़क परिवहन मंत्रालय राजमार्ग मंत्रालय की देखरेख में इसका डिजाइन एवं निर्माण कार्य किया जाएगा।
जबलपुर में बनने वाला मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर जो कि दमोह नाका से प्रारंभ होगा जो बलदेवबाग, गढ़ा रोड, यातायात थाना रोड, होम साइंस कॉलेज रोड, कि छोटी लाइन फाटक रोड को भी जोड़ेगा और मदनमहल चौक तक बनेगा।
प्रमुख बिंदु
- रेलवे स्टेशन के ऊपर बनने वाला देश का दूसरा सबसे बड़ा स्पेम – 193 मीटर।
- प्रदेश की सबसे बड़ी रोटरी वाला फ्लाई ओवर।
- रोटरी में रानी दुर्गावती की बड़ी प्रतिमा लगाई जाएगी। (प्रस्तावित)
- जबलपुर के विकास हेतू किये गए प्रयास
पर्यटन क्षेत्र
जबलपुर को पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व सौगाते मिली हैं जिसमें मुख्य रुप से नर्मदा महोत्सव, बरगी डैम में क्रूज के माध्यम से पर्यटन का विकास, वर्ष 2011 में टूरिस्ट सर्किट में जबलपुर को शामिल कर 50 करोड़ की राशि स्वीकृत, भेड़ाघाट स्थित पंचवटी पार्क में लेजर शो का प्रारंभ, बरगी डैम में एडवेंचर स्पोर्ट्स के माध्यम से रोचक खेलों का संचालन प्रारंभ, डुमना नेचर रिजर्व का विकास और उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना, डुमना एयरपोर्ट रोड पर प्रदेश सरकार के माध्यम से फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट का निर्माण, संग्राम सागर तालाब के क्षेत्र में पर्यटन विकास हेतु सांसद निधि से 30 लाख की स्वीकृति तथा विकास कार्य जारी।
रेलवे के अधोसंरचना हेतु कार्य
जबलपुर गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना :–
बरसों पुरानी मांग रही है कि जबलपुर को दक्षिण से जोड़ने के लिए जबलपुर गोंदिया नैनो ग्रेज लाइन को ब्रॉडगेज में बदला जाए जिसके लिए वर्ष 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास किया गया जिसकी अनुमानित लागत ₹511 थी 2004 से 2014 तक केंद्र में एनडीए की सरकार होने के बाद इस परियोजना की गति में विराम लगा था किंतु जैसे ही 2014 में केंद्र में एनडीए की सरकार बनी उसके बाद इस परियोजना को पंख लग गए और इस परियोजना का लगभग 4 चरण पूरा होने पर हैं और इसके पूरे होने पर ही जबलपुर से नागपुर की दूरी 280 किलोमीटर कम होगी इसी के साथ जबलपुर गोंदिया विद्युत परियोजना का कार्य तेजी से प्रारंभ है जो साथ ही साथ पूर्ण होगा।
इटारसी इलाहाबाद विद्युतीकरण परियोजना :-
जबलपुर से इटारसी और जबलपुर से इलाहाबाद जाने वाली रेल लाइन का विद्युतीकरण जो कि वर्षों से लंबित था केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार बनने के बाद इस परियोजना को गति मिली और यह बताते हुए प्रसन्नता है कि इटारसी से जबलपुर और जबलपुर से नैनी तक का इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है सिर्फ कटनी से सिंगरौली रोड का कार्य बाकी है जो कुछ ही समय में पूर्ण हो जाएगा इसके पश्चात इस रूट की विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा।
इसी के साथ रेल कनेक्टिविटी क्षेत्र में लगातार प्रयासों के फलस्वरूप जबलपुर से देश के सभी महानगरों एवं प्रमुख स्थलों के लिए ट्रेनें प्रारंभ कराई गई साथ ही साथ जबलपुर में प्रमुख ट्रेनों के स्टॉपेज और ट्रेनों के फेरे बढ़ाने के प्रयास किए गए जिसका सकारात्मक परिणाम हमें मिला जबलपुर के एक अन्य स्टेशन मदन महल को टर्मिनल स्टेशन बनाने का प्रयास किया जिस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने अपनी स्वीकृति देते हुए इसे स्वीकृत किया तथा जबलपुर मदन महल स्टेशन टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित होने के लिए इस का कार्य प्रारंभ हैं।
एयरपोर्ट का विकास
शहर को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए रेल सड़क एवं हवाई यातायात का सुचारू एवं सुगम संचालन होना आवश्यक है जबलपुर से रेल एवं सड़क यातायात के अलावा हवाई यातायात को भी प्रारंभ कराया गया जिसमें जिसके फलस्वरूप आज जबलपुर से देश के सभी महानगरों में हवाई यात्रा की जा सकती है साथ ही साथ जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट को आधुनिक एवं सुंदर स्वरूप देने के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 450 करोड़ की राशि स्वीकृत की है जिससे एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य प्रारंभ है।
सड़कों के लिए जबलपुर को मिली सौगातें
वर्तमान में जबलपुर से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं जिनमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 7 (जबलपुर भोपाल) क्रमांक 12 (जबलपुर नागपुर) एवं 12A (जबलपुर मंडला चिल्पी) मार्ग प्रमुख है, इन तीनों राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन एवं विकास कार्यों की कुल लागत लगभग ₹6600 करोड़ से अधिक है जिससे इनका उन्नयन किया जा रहा है।
जबलपुर में केंद्रीय सड़क निधि से प्रदत्त ₹40 करोड़ की लागत से निर्मित सगड़ा लामेटा घाट भेड़ाघाट की सुंदर सड़क जबलपुर को एक अनुपम और सुंदर उपहार है साथ ही साथ ₹67 करोड़ की लागत से निर्मित कटंगी पोला मझौली मार्ग जबलपुर के लिए एक बेहतर और अनुपम सौगात मिली हैं।
इसके अलावा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जबलपुर अमरकंटक बाया डिंडोरी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 45 को स्वीकृति दी थी इसकी कुल लंबाई 212 किलोमीटर है और इसकी लागत लगभग 12 सौ करोड़ रूपए है इसका कार्य प्रगति पर है जो कि आने वाले समय में जबलपुर को एक और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा।
जबलपुर को मिली सौगातओं में प्रमुख रूप से एक और सौगात जबलपुर में बनने वाली मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड है जो कि लगभग 112 किलोमीटर लंबी होगी और इसके लिए 2000 करोड़ की राशि स्वीकृत हो चुकी है यथाशीघ्र का कार्य प्रारंभ होगा।
इसी के साथ-साथ जबलपुर के भेड़ाघाट में साइंस सेंटर की स्थापना के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान की गई है इसकी जमीन चिन्हित कर ली गई है और शीघ्र ही इसके निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी प्रारंभ होगी इसकी लागत 17 करोड़ है।
जबलपुर में टेक्नो पार्क की स्थापना 100 करोड़ की लागत से जबलपुर में आईटी पार्क की स्थापना की गई, जिसका भूमि पूजन 2015 में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा किया गया था । टेक्नो पार्क की स्थापना से उद्योग धंधे को एक बेहतर स्थान मिल सका है।
- जबलपुर के विकास में अन्य कार्य
- पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना।
- केंद्रीय विद्यालयों को दो पारियों में संचालित किया जाना ।
- जबलपुर में अतिरिक्त सीजीएचएस डिस्पेंसरी का खोला जाना।




