सरकार बताएं न बस है और न ट्रेन की सुविधा ,ऑफिस से आया बुलावा कैसे करने जाएं नौकरी ?

मध्यप्रदेश /भोपाल(Bhopal) – : कोरोना(Corona)वायरस के कारण आम आदमी कि जरूरत के सामान मंहगें दामों में खरीद रहा है ,और अब बस ऑपरेटर (Bus Operator) यात्रियों अधिक किराया वसूल ने के की बात कर रहे है। राजधानी सहित पूरे प्रदेश में बस ऑपरेटर का कहना है कि आधी सीटों पर यात्रियों को सफर करवाने के लिए हम लोग बस किराया बढ़ाएंगे ।मध्यप्रदेश बस ऑपरेटर(Madhya Pradesh Bus Operator) अब चाहते हैं कि जब से लॉकडाउन(Lockdown) लागू हुआ था तब से लेकर मई माह तक का टैक्स पूरी तरह माफ किया जाए, जिससे उस समय में खड़ी रहीं बसों और स्टाफ पर खर्च के रूप में हुए घाटे की भरपाई की जा सके। मध्यप्रदेश प्राइम रूट बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा (Govind Sharma )ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (CM Shivraj Singh) को समस्या से अवगत कराया गया है। मुख्यमंत्री ने जल्द ही इसका हल निकालने की बात कही है।
अब निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर होगा – :
बस ऑपरेटर टैक्स पूरी तरह माफ किए जाने की बात अधिकारियों से कर चुके है। टैक्स पूरी तरह माफ किए जाने की बात को लेकर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर बी. मधु कुमार(BI Mdhu Kumar ) का कहना है कि किराया बढ़ाने और टैक्स माफ करने का निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर किए जाएंगे। तीन महीने का टैक्स माफ करवाने की भी मांग कि है ।
अभी सरकार नहीं ले पाई फैसला – :
देश में अनलॉक(Unlock) हो गया है,परन्तु मध्य प्रदेश में बसों के पहिए अब भी लॉक हैं। बंद बसें चालू करने के लिए बस ऑपरेटर्स सरकार से लगातार अपनी कई मांगे माग रहे हैं लेकिन कई मीटिंग के बाद भी उस पर फैसला नहीं ले पाई है। पूरे प्रदेश में बसें स्टैंड पर खड़ी हुई हैं।
अब सरकार को लेना है फैसला – :
अब बस ऑपरेटर्स ने कहा कि सरकार को 3 महीनों का टैक्स माफ कर देना चाहिए और साथ में किराया भी बढ़ाना चाहिए. उन्होंने किराया बढ़ाने को लेकर तर्क दिया है कि सरकार ने यात्री बसों में 50% यात्रियों को मंजूरी दी है, हम लोग अपने नुकसान की भरपाई कैसे कर पाएंगे। बस ऑपरेटर्स का कहना है कि 50 % यात्रियों के साथ बसें नहीं चलाई जा सकतीं है।
अब यात्री भी हो रहे है परेशान – :
अब बसें न चलने से आम लोग परेशान हैं। जिन लोगो के पास अपने साधन नहीं हैं वो लोग कैसे एक से दूसरी जगह जाएं।अब कुछ यात्रियो का कहना है कि उनके पास अपनी बाइक नहीं है और आफिस भी ख्रुल गई है। इस कारण से हमको आफिस पैदल आना जाना पड़ता है। वही कुछ लोगो का कहना है कि आफिस शुरू हो गए है और रोज आफिस से कॉल आ रहा है। बस नहीं चलने से हम आफिस नहीं पहुंच सके है। ऐसे में डर है कि कहीं नौकरी न चली जाए। वही दूसरे जिलों मेें फंसे यात्रियों का कहना है कि बसें न चलने से आम लोग परेशान हैं



