मुरैना:- ये ज़्यादती नहीं तो और क्या, बैंक से पैसा निकलवाने जा रही युवतियों को तहसीलदार ने उठक बैठक लगवाया, देखें वीडियो

मुरैना:- ये ज़्यादती नहीं तो और क्या, बैंक से पैसा निकलवाने जा रही युवतियों को तहसीलदार ने उठक बैठक लगवाया, देखें वीडियो

मुरैना:- ये ज़्यादती नहीं तो और क्या, बैंक से पैसा निकलवाने जा रही युवतियों को तहसीलदार ने उठक बैठक लगवाया, देखें वीडियो

 

 

मुरैना:- मध्यप्रदेश में इन दिनों पुलिसकर्मी और कई बड़े अधिकारियों की ज्यादती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा है.

 आज फिर तहसीलदार की अमानवीय था सामने आई मुरैना जिले के पोरसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें तहसीलदार बैंक से पैसे निकलवाने जा रही युवती हो उसे उठक बैठक लगवा रहे हैं. तहसीलदार के मुताबिक इन युवतियों ने लॉक डाउन का उल्लंघन किया है जबकि क्यों ने उन्हें यह बात बताई कि वह बैंक से पैसे निकालने जा रही है जिसकी अत्यंत आवश्यकता है. पर फिर भी तहसीलदार ने उन्हें सजा दी और उनसे उठक बैठक लगवाया.

 यहां देखें वीडियो :-

https://twitter.com/GarimaLokniti/status/1390939930763792385?s=19

 आज वही शहडोल का भी एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है जिसमें पुलिसकर्मी एक किसान को बेहद बर्बरता से मार रहे हैं.

 

शहडोल पुलिस की अमानवीयता, खरीदी केंद्र पर जा रहे किसान को बर्बरता से पीटा,वीडियो वायरल

 मध्य प्रदेश पुलिस की बर्बरता लगातार कई बार सामने आई है और इस कोरोना महामारी के दौरान तो कुछ ज्यादा ही वीडियो वायरल हुए हैं. मध्यप्रदेश के शहडोल में एक किसान जो खरीदी केंद्र पर जा रहा था उसे बर्बरता से शहडोल पुलिस ने पीटा. बताते चलें कि किसान अपना गेहूं खरीदी केंद्र पर बेचने जा रहा था उसने पुलिस को कागज भी दिखाए पर पुलिस वालों ने उसकी एक न सुनी.

 जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा तो पुलिस वालों ने अपने आप को बचाते हुए कहा कि वह किसान आदतन अपराधी है, उसने लॉकडाउन का उल्लंघन किया है.

 इस घटनाक्रम के बाद पीड़ित किसान सत्येंद्र द्विवेदी अपने साथ हुई बर्बरता की शिकायत को लेकर एसपी शहडोल कार्यालय पहुंचे. उन्होंने बताया कि जब उनके पास मैसेज आया उसके बाद वह अपने गेहूं को लेकर खरीदी केंद्र पर जा रहे थे उनकी भैंस बीमार थी जिसकी वजह से उन्होंने अपने ट्रैक्टर को रास्ते में किनारे पर खड़े कर दवा लेने लगे और उसने देर में ही पपौंध थाने के प्रधान आरक्षक जीवन लाल और दो अन्य पुलिसकर्मी उनके पास पहुंचे.

 जब उन्होंने बाहर जाने का कारण पूछा तो किसान ने उन्हें जमीन की पर्ची भी दिखाई और बताया कि वह अपनी गेहूं को खरीदी केंद्र पर बेचने जा रहे हैं. इतना सुनते ही प्रधान आरक्षक जीवन लाल और दोनों पुलिसकर्मी उन पर बर्बरता से लात घूसे चलाने लगे.

 पीड़ित किसान ने बताया कि जब पपौध थाने में वह अपनी शिकायत लेकर पहुंचा तो उसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई गई. उन्हें शिकायत लेकर 150 किलोमीटर दूर एसपी कार्यालय आना पड़ा.

 

 वहीं इस पूरे मामले पर एसडीओपी ब्योहारी का कहना है कि सत्येंद्र के खिलाफ थाने में कई मामले दर्ज हैं, उसने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन किया था जिसके बाद मामला दर्ज किया गया.