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सोशल मीडिया पर सामने आई भाजपा की अंतर्कलह, भाजपा अध्यक्ष जी एस ठाकुर बोले, बब्बू कभी कार्यकर्ता नहीं रहे वह बड़े नेता हैं

 

  • – पूर्व मंत्री की बेबाकी पर बरसे ठाकुर, कहा- संगठन बोले तो पांच मिनट में पद छोड़ दूंगा।
  • – सोशल मीडिया में सामने आई जबलपुर भाजपा की अंतर्कलक।

जबलपुर से तरुण मिश्रा की रिपोर्ट– मध्यप्रदेश भाजपा की शांति और अनुशासन कहीं गुम गया है। राजधानी में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके गुट ने जहां पार्टी के कई दिग्गज नेताओं की नींद उड़ा रखी हैतो वहीं पार्टी के गढ़ महाकोशल में भी अंतर्कलक तेज हो चुकी है। ताजा मामला जबलपुर भाजपा अध्यक्ष जी.एस. ठाकुर को लेकर सामने आया है। पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू खुलकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं तो ठाकुर का कहना है कि बब्बू कभी कार्यकर्ता नहीं रहे वह बड़े नेता हैं, नेता कभी कार्यकर्ता का दर्द नहीं समझता। बब्बू ने जिला अध्यक्ष के खिलाफ कहा कि जबलपुर की 8 विधानसभा सीटों में भाजपा का वर्चस्व हमेशा से रहा है पर जी.एस. ठाकुर के कार्यकाल में पार्टी ने शहर की चार विधानसभा सीटों में से तीन सीट खो दी। जिला अध्यक्ष का नैतिक दायित्व बनता है कि उन्हें पद से खुद हट जाना था। दोबारा उन्हीं के हाथ शहर में पार्टी की बागडोर देना किसी हिसाब से सही नहीं है।

बब्बू मेरी नियुक्ति को दें चुनौती!
जी.एस. ठाकुर का कहना है कि भाजपा ने मेरे प्रथम कार्यकाल को देखकर दोबारा इस पद को संभालने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि जो इसे मुद्दा बना रहे हैं, उन्हें व्यक्तिगत तकलीफ हो सकती है। बब्बू मेरी नियुक्ति को प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती दे सकते हैं। संगठन अगर कहेगा तो पांच मिनट में पद छोड़ दूंगा। बब्बू के बयान पर ठाकुर ने कहा कि संगठन के मामले सोशल मीडिया से नहीं निपटते। उन्होंने बताया कि तत्कालीन प्रदेश संगठन ने मुझे अध्यक्ष बनाया है। वहीं कांग्रेस से पाला बदलकर भाजपा में आए राममूर्ति मिश्रा ने एक फेसबुक पोस्ट में नगर अध्यक्ष को योग्य नेता और कुशल नेतृत्व करने वाला व्यक्ति बताया था इस पोस्ट पर बब्बू ने तल्ख प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मिश्रा का कांग्रेस से भाजपा में आने का मकसद पार्टी को नुकसान पहुंचाना है। मंगलवार को पश्चिम विधान सभा क्षेत्र के चार मंडल अध्यक्ष बब्बू के खिलाफ शिकायत लेकर भाजपा के संभागीय कार्यालय पहुंचे,जहां उन्होंने संगठन मंत्री शैलेंद्र बरूआ से इस मुद्दे पर मुलाकात की।

9 माह बाद क्यों उठा यह मामला

नगर अध्यक्ष ठाकुर ने बताया कि बब्बू ने यह आपत्ति 9 माह क्यों उठाई। उन्होंने कहा कि वह दूसरी बार ९ महीने पहले जिला अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कहा उनकी नियुक्ति वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के समर्थन और विश्वास के कारण हुई है। जानकार सूत्रों की मानें तो बब्बू जिन्हें मंडल अध्यक्ष के पद पर देखना चाहते थे वह नहीं हो पाईं हैं। इसी बात को लेकर जी.एस. ठाकुर और बब्बू के बीच लगातार मामला बढ़ रहा है।

सब कुछ ठीक नहीं चल रहा

इसके पूर्व पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने मंत्री पद और शिक्षा नीति को लेकर अपनी नाराजगी जााहिर कर चुके हैं। दो खेमों में बंटती दिख रही भाजपा को लेकर कार्यकर्ताओं के मन में भ्रम है वहीं भाजपा का वोट बैंक भी इन मुद्दाों को लेकर चिंतित दिखाई दे रहा है। जी.एस. ठाकुर को दोबारा जिला अध्यक्ष बनाने में भी बड़े नेता का हाथ बताया जा रहा है हालांकि इसका खुलकर विरोध कोई नहीं कर रहा।
जिसे लेकर आए वहीं विरोधी हो गया
भाजपा के पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू ने ये कभी नहीं सोचा था कि विधानसभा चुनावों के पहले जिस व्यक्ति (राममूर्ति मिश्रा) को कांग्रेस से भाजपा में लाने को वह अपना ट्रंप कार्ड समझ रहे थे वही एक दिन उनके लिए भस्मासुर बनकर सामने आ जाएगा।  

राममूर्ति मिश्रा की पोस्ट पर भड़के बब्बू

अपनी पोस्ट में राममूर्ति मिश्रा ने लिखा था कि जीएस ठाकुर को क्यों हटाया जाए. हरेन्द्र सिंह बब्बू आपने संगठन के लिए कौन सी इबारत लिख दी है, जो संगठन को मजबूती दे रही है, संगठन को लांछन लगाने की नीति छोड़कर सही दिशा में काम करने का प्रयास करें? इसके बाद भी राममूर्ति ने पोस्ट करने का सिलसिला नहीं रोका और उनके द्वारा लगातार पोस्ट करना जारी है।

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