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सिवनी : कोविड-19 की वजह से नही हुए थे 15 अगस्त में कार्यक्रम, लेकिन लग गए फर्जी बिल 

सिवनी : कोविड-19 की वजह से नही हुए थे 15 अगस्त में कार्यक्रम, लेकिन लग गए फर्जी बिल 

  • जनपद पंचायत घंसौर की ग्राम पंचायतों ने किया शासकीय राशि का दुरुपयोग

सिवनी से महेंद्र सिंह नायक की रिपोर्ट 

सिवनी/ नोबल कोरोनावायरस कोविड 19 के चलते प्रशासन ने लॉकडाउन अवधि के बाद भी सभी प्रकार के आयोजनों पर रोक लगाई हुई है, जिनमें जनसमूह एकत्रित होता है। इसी में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2020 भी रहा है, जिसे केवल ध्वजारोहण कर ही मनाया गया है। किसी प्रकार का सांस्कृतिक कार्यक्रम, भीड़ लगाना आदि नहीं हुआ है। लेकिन भ्रष्टाचार के नाम पर कुख्यात जिले की पंचायतों ने शासकीय राशि हड़पने के लिए इस स्वतंत्रता दिवस में भी सेंध लगाई है। शासन के कड़े निर्देश अनुसार किसी भी कार्यक्रम के आयोजन के सम्पन्न हुये बिना ही फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि निकाल ली गई है। 

       ज्ञात हो कि जनपद पंचायत घंसौर के अन्तर्गत आने वाली दो ग्राम पंचायतों चरी और बरौदा माल में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2020 के नाम पर फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि निकाल ली गई है। जबकि किसी भी कार्यक्रम का आयोजन कोविड 19 के कारण नहीं किया जा सकता है। ऐसे में ग्राम पंचायतों सहित किसी भी संस्था में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2020 को केवल संबंधितों द्वारा ध्वजारोहण मात्र किया गया है। शासन की कोरोनावायरस गाइडलाइन अनुसार कोई आयोजन नहीं किए गए हैं। इस सब का खुलासा पंचायत दर्पण की आधिकारिक बेबसाइट से हुआ है। 
   
ग्राम पंचायत चरी ने लगाया 10250 का बिल

जनपद पंचायत घंसौर की ग्राम पंचायत चरी के कर्ताधर्ताओं ने राष्ट्रीय उत्सव 15 अगस्त के नाम पर किसी फर्म ” मेसर्स उईके ट्रेडर्स” का बिल लगाकर 10250 की राशि भुगतान कर दी है। उक्त बिल में किसी भी प्रकार की सामग्री का जिक्र नहीं है। जो यह जताने के लिए काफी है कि बिल संदिग्ध अथवा फर्जी है।

बरौदा माल में भी लगा 4038 का बिल

जनपद घंसौर की एक और पंचायत बरौदा माल में भी 15 अगस्त 2020 उत्सव में काल्पनिक रूप से व्यय की गई सामग्री का “विजय कुमार नेमा” के नामित 4038 रुपए का बिल लगाकर भुगतान किया जा चुका है। इस बिल में 7-7 किलो  फल्लीदाना, फूटा सहित कई सामग्री दर्शित हैं। प्रश्न ये है कि जब कार्यक्रम आयोजित ही नहीं हुआ, तो ये सामग्री कहां बाँटी गई।

उच्चाधिकारियों के संज्ञान लेने की है आवश्यकता

द लोकनीति ने इस मामले को जनपद पंचायत की सीईओ ऊषा किरण गुप्ता के समक्ष लाने पर उनके द्वारा जाँच की बात कही गई है, पर अब तक ऐसी कोई जाँच नहीं हुई है। यदि इस विषय पर जनपद या जिला पंचायत के उच्चाधिकारी संज्ञान लेकर जाँच करें तो न केवल 15 अगस्त के फर्जी बिलों में शासकीय राशि दुरूपयोग उजागर होगा, बल्कि कई अनेकों भ्रष्टाचार उजागर होंगे।

जनपद लखनादौन में भी ऐसे मामले में हो चुकी है जाँच

जनपद पंचायत लखनादौन की ग्राम पंचायत सलैया में भी 15 अगस्त 2020 के नाम पर सामग्री का बिल लगाकर राशि भुगतान का मामला उजागर हुआ था। इस पर जनपद लखनादौन सीईओ अखिल सहाय श्रीवास्तव द्वारा जांच की गई थी।

 इनका कहना है:-

“इस मामले की जांच कराके देख लेते हैं किस मद में राशि खर्च की गई है, तब ही कुछ कह सकते हैं।”

ऊषा किरण गुप्ता, 
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत घंसौर

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