सिहोरा : चंद गिनती के कर्मचारियों के भरोसे 19000 हजार विद्युत उपभोक्ता

सिहोरा : चंद गिनती के कर्मचारियों के भरोसे 19000 हजार विद्युत उपभोक्ता
- स्थापना के चार दशक बाद भी पुराने ढर्रे में चल रहा कार्यालय,
- पद खाली, मूलभूत संसाधनों में भी राम भरोसे
- अभाव के कारण लाइनमेन आज भी कंधे में ढो रहे नसेनी
बेफिक्र अधिकारी, विभाग ने साधी है चुप्पी
सिहोरा विधानसभा का सबसे बड़ा कहलाने वाला विद्युत वितरण केंद्र गोसलपुर मे पदस्थ मुट्ठीभर
कर्मचारियों के भरोसे लगभग एक सैकड़ा गांव की विद्युत व्यवस्था का जिम्मा है
ज्ञात हो की कार्यालय का शुभारंभ लगभग 1979 में हुआ था कार्यालय की स्थापना को चार दशक गुजरने को है फिर भी विभाग द्वारा ना तो स्टाफ बढ़ाया गया न ही आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए गए
जहां एक ओर सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी ग्रह ज्योति योजना, अटल ज्योति, सौभाग्य योजना, संबल योजना,मुख्यमंत्री किसान अनुदान योजना के तहत गांव-गांव खेत खेत घर-घर की दहलीज पर बिजली तो पहुंचा दी गई
विद्युत लाइनों का विभक्तिकरण भी कर दिया गया ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ा दी गयी परंतु सीमित संसाधनों के भरोसे

आउटसोर्सेस कर्मचारियों की दम पर इस विद्युत वितरण केंद्र के आने अंतर्गत आने वाले एक सैकडा गांव के लगभग 19000 हजार विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण का जिम्मा इन्ही के सिर पर है क्षेत्र है काफी बड़ा… गोसलपुर विद्युत वितरण केंद्र का भौगोलिक क्षेत्रफल काफी ही
वृहद स्तर का है हम कार्यालय के अंतर्गत आने वाले चारों दिशाओं के अंतिम छोर मे बसे गांवो की बात करें तो गोसलपुर से निगवानी, गढचपा, घाटसिमरिया, कूडा, कंजई, अतरिया,भरदा, पिपरसरा, मडई, मडला,खिन्नी, मुरैठ,कैथरा, झिगरई भीटा, लखनपुर, रमखिरिया,देवरी, आलगोडा, घाटसिमरिया चारों दिशा की अंतिम छोर में बसे यह गांव गोसलपुर से लगभग 20 से 25 किलोमीटर की दूरी मे है जिस कारण इन गांव की विद्युत आपूर्ति में कोई व्यवधान आता है तो विद्युत उपभोक्ताओं को समय पर सीमित संसाधन होने की वजह से समय पर सेवाएं नहीं मिल पाती
ए.टी.पी.मशीन की स्थापना की मांग..…विद्युत वितरण केंद्र गोसलपुर के अंतर्गत आने वाले विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है ऑनलाइन व्यवस्था के तहत लोगों को एमपी ऑनलाइन व अन्य माध्यमों से बिल जमा करना पड़ता है जिससे उपभोक्ताओं का समय व अधिक राशि भी चुकानी पड़ती है विद्युत उपभोक्ताओं के साथ ऑनलाइन संचालकों द्वारा धोखाधड़ी भी की जा चुकी है बड़े लंबे अरसे से एटीपी मशीन लगाने की मांग की जा रही है गोसलपुर कार्यालय मे पदस्थ कनिष्ठ यंत्री द्वारा यह कह दिया जाता है की मांग पत्र बनाकर शक्तिभवन मुख्यालय भेजा जा चुका है
परंतु अभी तक एटीपी मशीन नहीं लगाई गई
सन 1979 में कार्यालय की स्थापना हुई
वितरण केंद्र गोसलपुर के अंतर्गत संचालित चार सब स्टेशन गोसलपुर, गांधीग्राम रामपुर, खिन्नी, रमखिरिया,
*प्रस्तावित सब स्टेशन
निगवानी, कैलवास , झांसी
*गोसलपुर विद्युत वितरण केंद्र के अंतर्गत आने गांव
मझौली विधानसभा के चालीस गांव
सिहोरा विधानसभा के साठ गांव
- *कुल सौ गाँव
- *विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 19000
- *स्वीकृत पद 26
- रिक्त पद 09
- पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों की संख्या 17
- क्षेत्र में स्थापित ट्रांसफार्मर की संख्या 300
- घरेलू विद्युत कनेक्शन 13500
- कृषि पंप कनेक्शन 5500
मांग …..नौ रिक्त पदों को भरा जाए एटीपी मशीन लगाई जाए टावर वाली गाड़ी उपलब्ध कराई जाए
कनिष्ट यंत्री को क्षेत्र में भ्रमण हेतु चार पहिया वाहन उपलब्ध कराया जाए
इनका कहना है
.गोसलपुर डी.सी में जो भी आवश्यक सुविधाएं व संसाधन जरूरी है वह पूरे किए जाएंगे
आर.के.स्थापक
मुख्य अभियंता मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर रीजन
गोसलपुर विद्युत मंडल कार्यालय में रिक्त पदों को भरने सुविधाओं व संसाधनों की बढ़ोतरी नई सब स्टेशनों का निर्माण करने के संबंध में
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी को पत्र सौंपा गया है एवं शीघ्र ही इस संबंध में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से मिलकर चर्चा की जावेगी
नंदनी मरावी विधायक सिहोरा
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