सिहोरा : 80 गांव की स्वास्थ्य सुविधा की जिम्मेदारी एक डॉक्टर पर, दो साल से धूल फांक रही एक्सरा मशीन

सिहोरा : 80 गांव की स्वास्थ्य सुविधा की जिम्मेदारी एक डॉक्टर पर, दो साल से धूल फांक रही एक्सरा मशीन
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में अनेक पद खाली
- सक्षम अधिकारी बेफिक्र : पिछले 6 महीने से मरीजों को नहीं मिल पा रही होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का लाभ
द लोकनीति डेस्क सिहोरा
एक ओर प्रदेश की सरकार प्रदेश की आवाम को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर की सुविधाओं में दिनों दिन कटौती की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर के अंतर्गत सिहोरा विधानसभा एवं मझौली विधानसभा के लगभग 80 गांव की जनता स्वास्थ्य सुविधा पाने के लिए यहां पहुंचती है, परंतु अनेक पद रिक्त होने के कारण सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। सिहोरा विधानसभा के अंतर्गत संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर अनेक समस्याओं से जूझ रहा है; जिस कारण लोगों को स्वास्थ्य सुविधा पाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आयुष चिकित्सक जबलपुर में अटैच..
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में पदस्थ आयुष चिकित्सक डॉक्टर मारुतिराज पिछले 6 महीने से देश में फैली वैश्विक कोरोना महामारी के समय से उन्हें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोरोना कंट्रोल रूम जबलपुर में अटैच कर दिया है। जिससे विगत 6 महीने से गोसलपुर के मरीजों को होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति का लाभ नहीं मिल पा रहा है होम्योपैथी चिकित्सक मारुति राज का जबलपुर से अटैचमेंट खत्म करने के लिए अनेकों बार क्षेत्रीय सांसद विधायक सिहोरा एसडीएम को भी अवगत कराया गया परंतु आज दिनांक तक आयुष चिकित्सक का जबलपुर से अटैचमेंट समाप्त नहीं किया गया जिस कारण अस्पताल के संचालन मे अनेक प्रकार की परेशानी आ रही है।

दो वर्षों से धूल फांक रही एक्सरा मशीन…
भले ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में जन सहयोग से अनेक संसाधन व सुविधाएं जुटा ली गयी है परंतु वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी के कारण संस्था में स्थापित एक्सरा मशीन 2 वर्षों से धूल फांक रही है मशीन के उपकरण खराब हो रहे है गौरतलब है की संस्था में जन सहयोग के माध्यम से मशीन स्थापित की गई थी परंतु उक्त संस्था में एक्सरा टेक्निशियन का पद स्वीकृत ना होने के कारण पूर्व में एक्स रे मशीन का संचालन पनागर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ टेक्नीशियन की अल्टरनेट सेवाओं के कारण एक्स रे मशीन की सुविधा लोगों को मिलती थी परंतु पिछले 2 वर्षों से एक्स-रे टेक्नीशियन की सेवाएं गोसलपुर से अलग कर दी गई जिस कारण लाखों रुपए की एक्सरे मशीन धूल फांक रही है लोगों ने इस दिशा में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रत्नेश कुरररिया से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में एक्स-रे टेक्नीशियन की सेवाएं प्रदान करने की मांग की है।
एंबुलेंस की स्थिति भी दयनीय….
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में जबलपुर के पूर्व महापौर स्वर्गीय पंडित विश्वनाथ दुबे के द्वारा संस्था में एंबुलेंस प्रदान की गई परंतु एंबुलेंस भी रखरखाव के अभाव में जर्जर स्थिति में है। यह एंबुलेंस सीरियस मरीज को जबलपुर जाते समय रास्ते में कहीं भी बिगड़ जाती है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों द्वारा दिन प्रतिदिन सुविधा बढ़ाने की जगह घटाई जा रही हैं। उपस्वास्थ्य केंद्र में काफी लंबे समय से कंपाउंडर वार्डबॉय वाटरमैन का पद रिक्त है, जिस कारण मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती जहां एक ओर स्वास्थ्य विभाग द्वारा उक्त रिक्त पदों को संविदा आधार पर भरा जा रहा है फिर भी काफी लंबे समय से इन रिक्त पदों पर अधिकारियों की नजर नहीं जा रही है।
रात्रि में भगवान भरोसे रहती है क्षेत्र की जनता….
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर के अंतर्गत आने वाले 80 गांव की जनता भगवान भरोसे रहती है, यहां पर कोई भी डॉक्टर रात्रिकालीन निवास नहीं करते जिस कारण रात्रि के समय अगर कोई मरीज की स्थिति गंभीर हो जाए तो उसका इलाज जबलपुर ले जाकर करवाना पड़ता है।

सिहोरा ब्लॉक के 60 गांव, मझौली ब्लाक के 20 गांव आश्रित ….
अगर हम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में पहुंचने वाले मरीजों की बात करें तो संस्था में इलाज हेतु सिहोरा ब्लॉक के 60 गांव एवं मझौली ब्लाक के 20 आश्रित गाँव के लोग यहां इलाज हेतु पहुंचते है। महीने में लगभग दो हजार ओपीडी की संख्या रहती है, वही इस संस्था को 2 सेक्टरों में बांटा गया है गोसलपुर सेक्टर एवं रमखिरिया सेक्टर जिसके तहत 9 सेक्शन बनाए गए है। यहां पर हर बुधवार को महिला नसबंदी शिविर का भी आयोजन किया जाता है जिसमें लगभग 20 से 25 नसबंदी विशेषज्ञ द्वारा हर हफ्ते 20 से 25 ऑपरेशन किए जाते हैं, साथ ही इस संस्था में प्रति माह 50 से 60 गर्भवती महिलाओं की डिलेवरी कराई जाती है। हम आंकड़ों की बात करें तो मरीज अच्छी संख्या में इस हॉस्पिटल पहुंचते हैं परंतु सुविधाओं और संसाधनों का टोटा होने के कारण मरीजों को मायूस होकर महानगरों की ओर जाना पड़ता है। इस संबंध में जनसेवा समिति के अध्यक्ष हेमचंद असाटी दीपक प्रीतवानी सुरेंद्र श्रीवास नरेश तंतुवाय एडवोकेट राकेश पाठक गनपत सिंह चौहान लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा रविसिह ने जिला कलेक्टर जबलपुर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में रिक्त पदों को भरने एवं एक्सरा मशीन चालू करने के शीघ्र प्रयास किए जाएंगे
डॉ रत्नेश कुरररिया , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर
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