ब्लैक फंगस पर शिवराज सरकार सख्त, टॉस्क फ़ोर्स का किया गठन, इनको मिली ज़िम्मेदारी

मध्यप्रदेश/भोपाल : मध्यप्रदेश सरकार रेमडेसिवीर इंजेक्शन की उपलब्धता थोड़ी ठीक कर पाई थी कि ब्लैक फंगस (Black Fungus) बीमारी सामने आ गई। कोरोना से रिकवर हो रहे मरीजों या फिर रिकवर हो चुके मरीजों में ये बीमारी मिल रही है इसे ब्लैक फंगस (Black Fungus) नाम दिया है ये नाक के रास्ते होती है हुए साइनस सिस्टम को ब्लॉक कर प्राणघातक तक बन जाती हैं। यदि समय पर इलाज मिल जाये तो मरीज के ठीक होने के चांस बहुत अधिक हैं।
इसी बीच सरकार इसको लेकर सख्त होती नजर आ रहीं हैं।
ब्लैक फंगस के नियंत्रण के लिए सरकार गंभीर और सीएम शिवराज ने एक टॉस्क फ़ोर्स (task force) का गठन किया हैं। टास्क फोर्स के सदस्यों में स्वास्थ्य मंत्री डॉ.प्रभु राम चौधरी, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, ACS स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, हमीदिया अस्पताल अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र दवे और डॉ. एस पी दुबे शामिल होंगे। इसमें सभी मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ भी जोड़े जाएंगे। टास्क फोर्स को जिम्मेदारी दी गई है कि मरीजों का विभाजन अलग अलग तरह से किया जाएगा। गांव के लोग, शहर के लोग, जो कोरोना से भर्ती थे तथा उम्र की सीमा के आधार पर सर्वे हो। किसी को इलाज की दिक्कत न हो, नोजल इंडोस्कोपी निशुल्क हो, सभी अस्पतालों में इलाज हो व इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करे, ये सुनिश्चित करना टास्क फोर्स की जिम्मेदारी होगी।
बता दे कि ब्लैक फंगस बीमारी एक फंगल इंफेक्शन है इसके इलाज के लिए डॉक्टरों द्वारा जब से इंजेक्शन एमफोटेरेसिन बी (Amphoterecin- B) कारगर बताया गया हैं। लेकिन जमाखोरों और कालाबाजारियों की नजर उस पर पड़ गई हैं। अब इंजेक्शन एमफोटेरेसिन बी (Amphoterecin- B) भी मार्केट से गायब होने लगा हैं।
अब इन सबके बीच सरकार ने टॉस्क फ़ोर्स (task force) का गठन किया हैं। जो इन मामलों पर नज़र बनाए रखेंगी।

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