सीहोर : कथा वाचक प्रदीप मिश्रा का कार्यक्रम स्थगित होने पर बवाल, अब नरोत्तम मिश्रा ने दिया बड़ा बयान

इंदौर : मुख्यमंत्री शिवराज के गृह जिले सीहोर में कथा वाचक प्रदीप मिश्रा के साथ घटा घटनाक्रम सरकार के लिए सर दर्द हो गया है। दरअसल, हालही में यहां रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन किया गया था और इसमें लाखों श्रद्धालुओं के आने की वजह से भोपाल इंदौर हाईवे पर 25 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। इसके चलते प्रशासनिक व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त हो गई थी और अंततः कथा वाचक प्रदीप मिश्रा को अपना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा था।
सीहोर में हुई इस घटना के बाद से ही प्रदेश में ये मामला गरमाता जा रहा है। जहां एक तरफ विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया है तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा के दिग्गज नेताओं ने मुख्यमंत्री शिवराज को पत्र लिखकर सीहोर प्रशासन के खिलाफ कार्यवाई करने की मांग की है।
वहीं, अब इन सबके बीच प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि, प्रशासन ने बात की है। कोई दिक्कत की बात नहीं है। 5 लोगों की टीम बनाई गई है, जो आज सीहोर पहुंच रही है। जबकि, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आरोप पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उनके आरोप सही नहीं हैं। कांग्रेस भ्रम की स्थिति पैदा करती है। इससे पहले नरोत्तम मिश्रा ने कथा वाचक प्रदीप मिश्रा से फ़ोन पर भी चर्चा की थी।
बता दे कि कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा था की – एक कथावाचक को आँखो में आंसू भरकर व्यासपीठ से इस सच्चाई को श्रद्धालुओं को बताना पड़े तो इससे शर्मनाक प्रदेश के लिये कुछ और हो नही हो सकता है। जो ख़ुद को धर्मप्रेमी बताते है यह है उनकी सरकार की हक़ीक़त। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाराज़ , प्रदेश के इतिहास में ऐसा कभी नही हुआ।
जबकि, कमलनाथ ने अगले ट्वीट में लिखा था की – महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या, शिवराज जी की सरकार, शिवराज जी का क्षेत्र और शिव ज्ञान की गंगा बहाने वाला “शिव महापुराण व रुद्राक्ष महोत्सव” का 7 दिवसीय महाआयोजन दबाव डालकर पहले दिन ही स्थगित करा दिया गया क्योंकि प्रशासन लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था संभालने में असफल साबित…?
गौरतलब है कि कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा करते समय पंडित प्रदीप मिश्रा की आंखों में आंसू थे। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन के दबाव के चलते वह कार्यक्रम समाप्त कर रहे हैं।




