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सिंधिया ने सीएम शिवराज को लिखा खत, कांग्रेस नेता बोले "सार्वजनिक रूप से माँग रखकर क्या दर्शाना चाहते है" 

सिंधिया ने सीएम शिवराज को लिखा खत, कांग्रेस नेता बोले सार्वजनिक रूप से माँग रखकर क्या दर्शाना चाहते है 

 

भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश के राजनैतिक गलियारों में आज एक बार फिर से हलचलें तेज हो गई हैं। इसकी वजह और कोई नहीं कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं। सिंधिया ने आज सीएम शिवराज को एक पत्र लिखकर उसे सार्वजनिक किया है। सिंधिया ने सीएम से आग लगने के कारण किसानों को हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है।

सीएम शिवराज को संबोधित पत्र में सिंधिया ने लिखा, 'मेरे पूर्व संसदीय क्षेत्र गुना के अंतर्गत मुंगावली विधानसभा के तहत ग्राम मेड़का एवं बिल्हेरु में खेतों में खड़ी गेहूं की फसलों में आग लग जाने से किसानों की फसल पूर्ण रुप से नष्ट हो गई है। इस कारण से दोनों ग्रामों के अन्नदाता आज गंभीर आर्थिक संकट से घिर गए हैं। किसान के पूरे परिवार का ढांचा उसकी फसल से होने वाली आय पर ही निर्भर करता है, जो कि इस अग्निकांड के बाद पूर्ण रूप से आग के साथ स्वाहा हो चुका है।'

पत्र में सिंधिया ने आगे लिखा, 'अतः आपसे आग्रह है कि आप जिला प्रशासन को तुरंत निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें कि उक्त दोनों ग्रामों में तत्काल सर्वे करा कर पीड़ित किसानों को पर्याप्त मुआवजा एवं बीमा की राशि वितरित करें। आशा है आप उक्त अनुरोध को स्वीकार करके त्वरित कार्यवाही कराकर अनुप्रहित करेंगे।'

मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के प्रवक्ता अमन दुबे ने ट्वीट कर कहा कि, सिंधिया जी सार्वजनिक रूप से अपने पार्टी के सीएम को पत्र क्यों लिख रहे है ? सिंधिया जी, सीएम से अक्सर मिलते हैं, उस दौरान भी यह मांग रख सकते थे, या फिर फोन कॉल के माध्यम से भी मुख्यमंत्री से बात कर सकते थे। सार्वजनिक रूप से पत्र लिखकर क्या दर्शना चाहते है सिंधिया जी?

https://twitter.com/AmanDubeyIndia/status/1377929776032194562?s=20

राजनैतिक जानकार इस खत को सिंधिया की सियासी रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। माना जा रहा है की बीजेपी नेता केपी यादव से चुनाव हारने के बाद सिंधिया एक बार फिर से गुना लोकसभा क्षेत्र में सियासी जमीन मजबूत करना चाहते हैं, और इस खत के जरिए किसानों के बीच वह संदेश देना चाहते हैं कि उनके कहने में उन्हें मुआवजे की राशि मिली है। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि कांग्रेस की सरकार में जिस सिंधिया के एक फोन कॉल मात्र से बड़े से बड़े काम हो जाते थे आज बीजेपी में उन्हें तरजीह नहीं दी जा रही है। नतीजतन वे अब किसी भी मांग के लिए सार्वजनिक खत लिखने पर मजबूर हो गए हैं।

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