प्राइमरी क्लास के बच्चों का इंतज़ार हुआ खत्म, मध्य प्रदेश में कल से खुलेंगे 5वीं तक के स्कूल, गाइडलाइन का पालन करना जरुरी

- 1 से 5वीं तक के बच्चो के लिए खुलेंगे स्कूल
- 50% क्षमता के साथ लगेगी क्लासेस
- व्हाट्स एप्प ग्रुप पर पेरेंट्स को दी गयी सूचना
भोपाल/अंजली कुशवाह: मध्य प्रदेश में लगभग 18 महीनों बाद 1 से 5वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं. इससे पहले 6वीं से 12वीं तक के स्कूल और कॉलेज मध्य प्रदेश में खोले जा चुके हैं. लेकिन कल यानी कि 20 सितम्बर से कक्षा 1 से से 5वीं तक के बच्चे स्कूल पहुंचेंगे. पहले दिन स्कूल बुलाने वाले व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बच्चों के पेरेंट्स को सूचना भेजी गयी है. जानकारी के अनुसार फ़िलहाल प्राइमरी स्कूलों में 50% क्षमता के साथ क्लास लगायी जायेगी.
इन नियमों का ध्यान रखना जरुरी
बता दें कि लगभग 18 महीनों के बाद कल यानी 20 सितंबर को पहली बार कक्षा 1 से से 5वीं तक के बच्चे स्कूल जा पाएंगे. लेकिन इसके लिए स्कूल खुलने से पहले स्कूलों की साफ सफाई के साथ सैनिटाइजेशन का काम भी किया जा रहा है. साथ ही बच्चों के स्कूल पहुंचने पर सुरक्षा को लेकर ध्यान रखना भी जरुरी हैं.क्लास रूम में बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क अनिवार्य किया गया है. बच्चों के लंच बॉक्स और बॉटल को एक दूसरे के साथ शेयर ना करने को लेकर भी निगरानी की जाएगी. वहीं शिक्षकों का इस बारे में कहना है कि इस बार बच्चों के स्कूल पहुंचने पर सुरक्षा को लेकर उनकी भी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं.
जरुरी हैं माता-पिता का लिखित सहमति पत्र
बता दें कि स्कूल खुलने के साथ प्राइमरी स्कूलों में 50 फ़ीसदी क्षमता के साथ कक्षाओं का संचालन होगा. पहले दिन स्कूल बुलाने वाले बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से माता-पिता को मैसेज किया गया है. खास बात यह है कि स्कूलों में माता-पिता की लिखित सहमति अनिवार्य होगी. माता-पिता की लिखित सहमति पत्र के बिना छात्र छात्राओं को क्लास रूम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
PTM के माध्यम से लिया गया फैसला
मिली जानकारी के अनुसार प्राइमरी स्कूल खुलने से ठीक पहले तीन दिनों तक बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों के बीच संवाद हुआ. पैरंट्स टीचर मीटिंग (PTM) के जरिए शिक्षकों ने माता-पिता से बच्चों को रोजाना स्कूल भेजने को लेकर चर्चा की. शिक्षकों ने माता पिता को इस बात को लेकर सख्त हिदायत दी है कि अगर बच्चों को सर्दी खांसी जुखाम के लक्षण हैं तो स्कूल बिल्कुल भी ना भेजें. स्कूल ना आने वाले बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन पहले की तरह ही किया जाएगा.
बता दें कि 2020 के कोरोना लॉक डाउन के बाद से ही सुरक्षा के मद्देनज़र रखते हुए प्रदेश में स्कूल- कॉलेज को बंद कर दिया गया था. इसके बाद बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज शुरू की गयी थी. लेकिन अब बच्चे इतने दिनों बाद से फिर से स्कूल जा पाएंगे.बता दें कि इससे पहले 6वीं से 12वीं तक के स्कूल और कॉलेज मध्य प्रदेश में खोले जा चुके हैं.




